सावधान,, आप हर पल सी सी टी वी कैमरे की निगरानी में हैं। स संपादक शिवाकांत पाठक। हरिद्वार।
पहले मनुष्यों को मनुष्यों पर विश्वास था,, कुछ ने भरोसा तोड़ा तो लोग सी सी टी वी कैमरे लगाने लगे,, वह भी मानव जाति पर अविश्वास को लेकर,,, मानव ने खुद ही कैमरे तैयार किए,,, यही मानव जाति के पतन का मूल कारण है,,
जब भी आदमी स्वयं अपनी नजरों से गिरता है तो वह दूसरे में वही चीज देखता है,, लेकिन ईश्वर की नजर सभी पर रहती है,, यह उसकी अपनी व्यवस्था है,,, हम कहते हैं ईश्वर एक है,, लेकिन वह तो एक होकर भी अनेक दिखता है,, जैसे पिता एक है लेकिन वह एक होकर भी अनेक हो जाता है,, उसके बच्चे उसका प्रतिबिंभ होते हैं,, जब पिता घर पर नहीं होता तो घर पर बच्चों की नजर होती है,, इसी तरह से संसार में हम कोई भी अपराध करें कोई न कोई हमको देख ही लेता है,,
तभी तो गो स्वामी तुलसी दास जी महराज लिखते हैं कि सिया राम मय सब जग जानी,,,, स्वामी जी सारे संसार को सिया राम की तरह देखते हैं,,
अब आते हैं अपनी सही बात पर,, तो सूर्य,चन्द्रमा, तारे, जीव, जंतु, मनुष्य ये सब ईश्वर के सी सी टी वी कैमरे हैं,, आप सभी पर नजर रखते हैं,, कैसे पाप करोगे आप इनसे बच कर,, आप खुद जवाब दो,,,
जब कर्म प्रधान है तो फिर आप सभी को कर्म सही करना है वरना आपके गलत कार्यों के परिणाम आपके बच्चे भोगेंगे,, बाढ़े पुत्र पिता के कर्मा,, पिता के कर्मों का परिणाम पुत्र होता है,,
सबसे पहले तो आप अपने कर्मो के लिए खुद ही सी सी टी वी कैमरे हैं,, आप कोई भी अपराध यदि करते हैं तो आपकी आत्मा स्वयं प्रत्यक्ष रूप से गवाह होती है,,, और यह भी ध्रुव सत्य है कि मृत्यु सभी की निश्चित है,, साथ ही हम जिस तरह से दुनियां में आते हैं,, खाली हांथ, बिना वस्त्रों के,, वैसे ही जाने का भी प्राविधान है,, तो किसके लिए झूठ, फरेब, लालच, ईर्ष्या, कपट, छल, फरेब, बेइमानी करते हैं हम आप,, क्या ईश्वर पर आपका विश्वास नहीं है,, यदि है तो फिर जो आपके साथ जाना है उसे कमाए,, हर दिन एक कार्य निस्वार्थ भाव से कार्य करें ,, जिसमें आप का स्वार्थ नहीं होना चाहिए,,,
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