सावधान,,बृहस्पतिवार को जगन्नाथ मंदिर की ध्वजा पर बैठा बाज अशुभ संकेत,,!स सम्पादक शिवाकांत पाठक,!
ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्नजड़ित नीलचक्र पर लहरा रहे 'पतितपावन बाना' (पवित्र ध्वज) पर गुरुवार को एक बाज(गरुड़) के बैठने की घटना ने करोड़ों श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। सदियों से चली आ रही इस अटल मान्यता के बीच कि "श्रीमदिर के शिखर के ऊपर से कोई पक्षी नहीं उड़ता", इस दृश्य ने आस्था और आशंकाओं के बीच एक भीषण बहस छेड़ दी है। इसे कोई 'युग परिवर्तन' का संकेत मान रहा है, तो कोई इसे 'महाविनाश' की पूर्व सूचना। भक्तों का एक बड़ा वर्ग इस घटना को सकारात्मक दृष्टि से देख रहा है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, बाज को भगवान विष्णु का वाहन 'गरुड़' माना जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कलियुग के बढ़ते प्रभाव के बीच स्वयं गरुड़ देव भगवान जगन्नाथ की रक्षा के लिए नीलचक्र पर विराजमान हुए हैं। पुरी के कई मठों में इसे 'दिव्य सुरक्षा चक्र' के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, भविष्यवाणियों पर शोध करने वालों के बीच आज की यह घटना चिंता का विषय बन गई है। ओडिशा की प्रसिद्ध 'भविष्य मालिका' (संत अच्युतानंद द्वारा रचित) के ...