जिलाधिकारी हरिद्वार से सैकड़ो वर्षो से अपने मकानो में रह रहे लोंगो को बेघर ना करने की मांग,,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,, ( ग्राम नगला ऐमाद की लगभग 100 वर्ष पुरानी आबादी पर धारा 122-बी की कार्यवाही रोककर मानवीय, सामाजिक न्याय एवं जनहित के आधार पर स्थायी निस्तारण किए जाने बाबत ) ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम नगला ऐमाद, परगना मंगलौर, तहसील रुड़की, जिला हरिद्वार के लगभग 40-50 परिवार, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 150-200 है, विगत लगभग 100 वर्षों से अधिक समय (लगभग वर्ष 1920-21 से) उक्त स्थान पर निवासरत हैं। वर्तमान में इन परिवारों को न्यायालय अपर तहसीलदार/सहायक कलेक्टर द्वितीय श्रेणी, तहसील रुड़की द्वारा बाद संख्या 537/25-26 अंतर्गत धारा 122-बी जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के अंतर्गत नोटिस जारी किए गए हैं। अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जिन परिवारों को आज अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है, जब अब तक विगत 100 वर्षो में तमाम प्रधान प्रधानी कर चुके तब उनके द्वारा प्रार्थीगणों को बेघर नहीं किया गया,,हम सभी परिवारों को दशकों से शासन एवं प्रशासन द्वारा वैधानिक पहचान एवं मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती रही हैं। ग्रामवासियों के पास वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, बि...