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बेशक हमारा सभासद आज भी उसी लगन के साथ जन सेवा मे भागीदारी निभा रहा है,,!भास्कर तिवारी,!

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   ( जीतने मे बाद भी न क़ोई पद का अभिमान न ही जन भावनाओं की उपेक्षा,, वर्तमान समय मे इंसानो के बदलाव भी  डिगा नहीं पाए,,) संपादक शिवाकांत पाठक, भास्कर तिवारी ने कहा कि आज हमारे पार्षद महोदय श्री दीपक नोटियाल जी के द्वारा हमारी आदर्श कॉलोनी गली नम्बर 7 में नालियों की सफाई के लिए नगर पालिका से सफाई कर्मचारियों को भेजा गया। कल सुबह मैंने नोटियाल जी को अवगत कराया था कि हमारी कॉलोनी की नालियाँ भी काफी समय से चोक पड़ी हैं। मैंने उनसे अनुरोध किया था कि कृपया एक बार इनकी सफाई भी करवा दीजिए। मेरे अनुरोध पर आज उन्होंने तुरंत सफाई कर्मचारियों को भेजकर नालियों की सफाई का कार्य शुरू करवाया। इस सराहनीय पहल और त्वरित कार्रवाई के लिए श्री नोटियाल सर का तहे दिल  सारी कॉलोनी की तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद एवं आभार। भास्कर तिवारी ने कहा आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, नोटियाल सर  🙏 🙏

कभी मनुष्य ने आकाश की ओर देखकर ईश्वर को खोजा था,!दीपक नौटियाल सभासद,!

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  विचार सूचक समाचार   कभी नदियों के प्रवाह में, कभी अग्नि की लौ में और कभी अपने ही हृदय की निस्तब्धता में। लेकिन भारत के ऋषियों की दृष्टि केवल बाहर दिखाई देने वाली प्रकृति तक नहीं रुकी। वे उस अदृश्य सत्ता को जानना चाहते थे, जिसकी उपस्थिति से यह सारा अस्तित्व जीवंत है। उन्होंने प्रकृति को केवल पदार्थ नहीं, चेतना की अभिव्यक्ति के रूप में देखा। उनके लिए जीवन कोई संयोग मात्र नहीं था; उसके भीतर एक गहरा आध्यात्मिक रहस्य धड़क रहा था। इस रहस्य को जानने के लिए उन्होंने अपने भीतर यात्रा की। किसी ने ज्ञान में सत्य खोजा, किसी ने ध्यान में, किसी ने प्रेम और भक्ति में तो किसी ने अपने कर्म को समर्पित करके उस परम सत्ता का अनुभव किया। इन साधनाओं ने मनुष्य को यह बताया कि ईश्वर की खोज बाहर की यात्रा से अधिक भीतर की यात्रा है। लेकिन एक प्रश्न फिर भी शेष था। जिस परम चेतना का अनुभव मनुष्य ध्यान में करता है, क्या वह केवल ध्यान की अवस्था तक ही सीमित रहेगी? जिस दिव्यता को वह अपने भीतर महसूस करता है, क्या वह उसके दैनिक जीवन, उसके विचारों, भावनाओं, संबंधों और शरीर में भी प्रकट हो सकती है? क्या मनुष...

कहीं सवालों के चक्रव्यूह में फंसती तो नहीं जा रही भाजपा,,?

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  ( नीचे से ऊपर तक सिस्टम हुआ हैंग,, अपनी अपनी ढपली अपना अपना राग,,जो अवैध अब वो सब वैद्ध है,,, ऐसा क्या,,?  ) ( हिंदुत्व से यू सी जी तक का अविस्मरणीय  यादगार सफर ) बीते एक वर्ष का संपूर्ण अध्ययन करें तो भारतीय जनता पार्टी को विपक्ष ने चौतरफा घेर रखा है। पहले तो लगता था कि विपक्ष को भारतीय जनता पार्टी समय पर चित कर देगी  लेकिन इस बार भाजपा का कोई आरोप और कोई रणनीति विपक्ष को घेरने के मुद्दे पर सफल होती दिख नहीं रही है। और इस घेराव  के परिणाम भी अब दिखाई देने लगे हैं। अगर हाल ही में हुए एमएलसी चुनावों का समीक्षात्मक अध्ययन करेंगे तो स्नातक और पढ़े- लिखे  लोगों का माना जाने वाला यह चुनाव का परिणाम यह सोचने को विवश कर रहा है कि क्या भाजपा के कोर वोटर (पढ़ा-लिखा वर्ग) का मूड उसकी ओर से बदलता दिख रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने देश की ऐसी सीटों पर हार का स्वाद चखा है जहां से उसको ऊर्जा मिलती है। पहले यूपी की बात करें तो यूपी की सबसे अहम सीटें-अयोध्या, मथुरा, काशी, आगरा, गोरखपुर और लखनऊ हैं और अयोध्या तो लोकसभा चुनाव में  भाजपा के हाथों से निकल गयी थी। और अब ए...

शिवालिक नगर में विकास की नई पहल, अमृत महोत्सव चौक से रामधाम एंट्री तक ग्रीन बेल्ट कार्य का नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने किया शुभारंभ,!

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  संपादक शिवाकांत पाठक, शिवालिक नगर क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर एवं हरा-भरा बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने अमृत महोत्सव चौक से रामधाम एंट्री तक ग्रीन बेल्ट विकसित करने के प्रथम चरण के कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा का फूल-मालाओं से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजीव शर्मा ने कहा कि ग्रीन बेल्ट केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। हमारा संकल्प है कि शिवालिक नगर को स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित एवं हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। अमृत महोत्सव चौक से रामधाम एंट्री तक ग्रीन बेल्ट विकसित होने से क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। जनता की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाओं क...

नया कानून,पत्रकारों को खबर छापने से पहले लेनी होगी मंत्री जी की इजाजत?

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  संपादक शिवाकांत पाठक  (  निजता कानून पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मीडिया, प्रेस की आजादी पर बड़ा सवाल ) ( सुप्रीम कोर्ट में 19 नवम्बर को होगी मिडिया की याचिका पर सुनवाई ) भारत के डिजिटल निजता कानून के खिलाफ समाचार संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मीडिया संगठनों का आरोप है कि सहमति और डेटा हटाने से जुड़े प्रावधान खोजी पत्रकारिता को कमजोर कर सकते हैं, गोपनीय सूत्रों को खतरे में डाल सकते हैं और सार्वजनिक हित की खबरों के प्रकाशन में बाधाएं पैदा कर सकते हैं। भारत मे खबर लिखने और प्रकाशित करने की आजादी को लेकर एक बड़ा संवैधानिक सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है। केंद्र सरकार के डिजिटल निजता कानून को चुनौती देते हुए मीडिया संगठनों ने आशंका जताई है कि इसके प्रावधान पत्रकारों के लिए खबरों में शामिल लोगों की सहमति लेना जरूरी बना सकते हैं। मीडिया संगठनों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति की जांच करने या उसके बारे में सार्वजनिक हित से जुड़ी खबर प्रकाशित करने से पहले उसी की अनुमति लेनी पड़े, तो खोजी पत्रकारिता का उद्देश्य ही खत्म हो सकता है। इस मामले ने निजता के अधिकार और प्रेस क...

एलर्ट,,देश के 23 राज्यो में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी,!उत्तराखंड!

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  संपादक शिवाकांत पाठक, मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज यानी 29 अक्टूबर को देश के 23 राज्यों यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम, असम, त्रिपुरा, नागालैंड और मिजोरम में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 90 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफान चलने की संभावना है। उत्तराखंड में आज मौसम कैसा रहेगा उत्तराखंड (29 अक्टूबर- बारिश-आंधी की चेतावनी): नैनीताल, हरिद्वार, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल और उत्तर काशी में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। देहरादून में आज यानी 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा।

तो आखिर रावण को जलाने वाले हैँ कौन,,? इक लख पूत सवा लख नाती, तिह रावन घर दिया न बाती",,!

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  संपादक शिवाकांत पाठक, ( पिता की आज्ञा को मानकर 14 वर्ष जंगल मे रहने वाले त्यागी, मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने रावण का वध किया था, जलाया नहीं था,,)  संत कबीरदास जी की एक प्रसिद्ध वाणी या दोहा है। अर्थ एवं संदेश: • विशाल परिवार और घमंड की नश्वरता:👇  रावण के पास एक लाख पुत्र और सवा लाख नाती-पोते थे, यानी उसका परिवार बहुत बड़ा और शक्तिशाली था। • अंतिम सत्य:  👇अत्यधिक अहंकार, अत्याचारी स्वभाव और अधर्म के कारण युद्ध में रावण और उसके पूरे वंश का ऐसा सर्वनाश हुआ कि उसके कुल में दीया-बाती (श्राद्ध या दीपक) जलाने वाला भी कोई नहीं बचा। • शिक्षा:  👇यह लोकोक्ति / वाणी हमें सिखाती है कि मनुष्य को धन, बल, यौवन या बड़े परिवार का घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय और ईश्वर के कोप के आगे सब कुछ क्षणभंगुर है। बड़ा सवाल,, हिन्दू धर्म के अनुसार पिता को चिताअग्नि पुत्र ही देता है,, तो फिर रावण का विनाश यदि उसके वंश के साथ हुआ था तो उसकी चिता को आज कौन जला रहें है आखिर वे हैँ कौन, क्या वे राम हैँ,,? नहीं राम ने तो उसे मारा था जलाया नहीं तो फिर जलाने वाले आखिर कौन है और अपनी पहचान क्यो...