ईमानदारी अभी जिन्दा है साहब,, हरिद्वार,!
मेरा नाम कृष्णवीर सिंह है आज दिनांक 07/05/2026 समय लगभग शाम के 5:00 बजे के आस पास की बात है हम पुल जटवाड़ा से सुभाषनगर के लिए एक बैट्री रिक्शे मैं बैठे बैट्री रिक्शे मैं बैठकर आ रहे थे तो हमारे सीट के बगल मैं एक 40 वीं वाहिनी पुलिस कर्मी महिला व अन्य यात्री भी बैठे थे हम दीक्षा पब्लिक स्कूल के सामने उतर गए मेरी भूल से हमारा छोटा सा साइडर बैग बैट्री रिक्शे मैं ही रह गया और हम घर चले आए मुझे अचानक घर आके याद आया कि हमारा बैग बैट्री रिक्शे मैं ही छूट गया है जिसमें १४०० रुपए थे और मोबाइल चार्जर बगैरा थे और एक चेक बुक भी थी हम बहुत ही परेशान होकर तुरंत अपनी बाइक उठाकर बैट्री चालक को ढूंढने के लिए निकल गए तो उसी दौरान लगभग 20 मिनट के अंदर बैट्री चालक मिल जाता है तो उनसे हमने पूछा कि भैया हमारा बैग आपके रिक्शे मैं रह गया हैं तो उन्होंने बताया कि हा आपका बैग 40 वीं वाहिनी पुलिस कर्मी महिला जी को मिला था उन्होंने बैठे यात्रियों से भी पूछा कि ये बैग आप लोगों का तो नहीं है यात्रियों ने कहा कि मेरा नहीं हैं जो व्यक्ति अभी उतरा है ये बैग उसी का लग रहा है तो उसी समय 40 वीं वाहिनी पुलिस कर...