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प्लीज् डी एम सर हमको सी बी एस सी इक्जाम मे पढ़ लेने दो दुबारा कहना पड़ रहा है नवोदय नगर में रात्रि का खनन बंद करा दो,!

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  भ्रष्टाचार आज हमारे देश की जड़ो में व्याप्त हो गया है क्योकि सिस्टम में जब तक कुछ लोग ईमानदार थे तब अवैध कार्य कम होते थे लोंगो को न्याय मिलता था लोग या अधिकारी ईमानदार थे,, देश के लिए कुछ करने का जज्बा था,, लेकिन अब परिदृश्य ही बदल गया, लालच में अंधे होते लोग मातृ भूमि, देश, समाज सब कुछ भुला बैठे,, कानून केवल पूँजी पतियों और जिम्मेदार लोंगो की हाँथ की कठपुतली बन कर रह गया,, अब  भी एक आदमी के दस सर हैँ बस देखने का अंदाज  क्या है यह जानना जरुरी है,, खनन गतिविधियों में वृद्धि से नदी के तल का आकार भी बदल जाता है और नदी के प्रवाह और तलछट पर प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक चलने वाली खनन गतिविधियों से नदी की नहरें गहरी हो जाती हैं, जिससे नदी के किनारे कट जाते हैं और बाढ़ आ जाती है। जिसे अक्सर “छोटी चीज़” समझा जाता है — वास्तव में आधुनिक सभ्यता की रीढ़ है। यह निर्माण उद्योग  कंक्रीट, ग्लास, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की मूलभूत सामग्री है।लेकिन बढ़ती मांग और सीमित प्राकृतिक आपूर्ति ने रेत को “सफेद सोना  बना दिया है। भारत सहित कई देशों में यह अब अवैध खनन  माफि...

प्लीज डी एम अंकल हमको पढ़ने दो, नवोदय नगर में हो रहे रात्रि के खनन को कैसे भी हो बंद करा दो,,, प्लीज्,

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स संपादक शिवाकांत पाठक, भ्रष्टाचार आज हमारे देश की जड़ो में व्याप्त हो गया है क्योकि सिस्टम में जब तक कुछ लोग ईमानदार थे तब अवैध कार्य कम होते थे लोंगो को न्याय मिलता था लोग या अधिकारी ईमानदार थे,, देश के लिए कुछ करने का जज्बा था,, लेकिन अब परिदृश्य ही बदल गया, लालच में अंधे होते लोग मातृ भूमि, देश, समाज सब कुछ भुला बैठे,, कानून केवल पूँजी पतियों और जिम्मेदार लोंगो की हाँथ की कठपुतली बन कर रह गया,, अब  भी एक आदमी के दस सर हैँ बस देखने का अंदाज  क्या है यह जानना जरुरी है,, खनन गतिविधियों में वृद्धि से नदी के तल का आकार भी बदल जाता है और नदी के प्रवाह और तलछट पर प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक चलने वाली खनन गतिविधियों से नदी की नहरें गहरी हो जाती हैं, जिससे नदी के किनारे कट जाते हैं और बाढ़ आ जाती है। जिसे अक्सर “छोटी चीज़” समझा जाता है — वास्तव में आधुनिक सभ्यता की रीढ़ है। यह निर्माण उद्योग  कंक्रीट, ग्लास, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की मूलभूत सामग्री है।लेकिन बढ़ती मांग और सीमित प्राकृतिक आपूर्ति ने रेत को “सफेद सोना  बना दिया है। भारत सहित कई देशों में यह अब अव...

डायल करें,,,जनपद हरिद्वार में रसोई गैस सिलेंडर की नहीं है कोई किल्लत,,! जिलापूर्ति अधिकारी हरिद्वार,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,,         जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने अवगत कराया है कि जनपद हरिद्वार में सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर घरेलू गैस (एल०पी०जी०) की आपूर्ति को लेकर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के दृष्टिगत गैस एजेन्सियों से जनपद में उपलब्ध गैस स्टॉक, वितरण व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं हो रही आपूर्ति की विस्तृत जानकारी ली गयी। जनपद में घरेलू गैस (एल०पी०जी०) का पर्याप्त स्टॉक / भण्डार उपलब्ध है तथा गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और सुचारू रूप से संचालित हो रही है। भारत सरकार पेट्रोलियम मंत्रालय से स्पष्ट गाईडलाईन जारी किये गये है कि उपभोक्ताओं की गैस डिलीवरी 25 दिनों के उपरान्त एवं नियमानुसार ही गैस उपभोक्ता को उपलब्ध करायी जायेगी। उपभोक्ताओं की असुविधा के लिये निम्ननिखित हेल्पलाईन नम्बर जारी है- हेल्पलाईन नम्बर- 1800-2333-555 (टोल फ्री) 7718955555 (एल०पी०जी० बुकिंग और शिकायत)  शिकायत अधिकारी के नम्बर- 1-आई०ओ०सी०- 9557947140 2-एच०पी०सी0-8655436284 3-बी०पी०सी०- 8894334950         उन्होंने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि पैनिक बुकिंग ...

गैस की किल्ल्त अयोध्या में श्री राम रसोई का भोजन वितरण बंद,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,,! ( दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में गैस खत्म, ट्रेन के खाने पर भी चिंता ) गैस से जुड़ी दिक्कतें कई शहरों और घरों पर दिखने लगी है. दिल्ली, बिहार के साथ-साथ भोपाल और चंडीगढ़ में भी LPG एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें देखी गईं क्योंकि लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं. खास बात यह है कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम काम नहीं कर रहे, इस वजह से उन्हें खुद गैस एजेंसियों के पास जाना पड़ रहा है. पश्चिम एशिया के लगातार बढ़ते संकट की वजह से देश में रसोई गैस की हो रही किल्लत से आम लोगों का तकलीफें बढ़ गई हैं. संसद में विपक्षी दलों के सदस्यों ने रसोई गैस को लेकर आज बुधवार को लोकसभा में जमकर हंगामा किया, जिस वजह से सदन सुचारू रूप से नहीं चल सका. वहीं गैस की सप्लाई नहीं होने और कमर्शियल सिलेंडर की कमी की वजह से होटलों, रेस्टोरेंट और पब्लिक कैंटीन को या तो बंद करना पड़ रहा है या फिर अपना काम कम करना पड़ रहा है. लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजाम करना पड़ रहा है. एलपीजी गैस की किल्लत का आलम यह है कि अयोध्या में गैस की गंभीर कमी को देखते हुए राम मंदिर क...

डांडा जलालपुर में लोगो के घरों में कूद कर जनता में खौफ पैदा कर रहा है लाइन मेन,!डांडा जलालपुर,!

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   डांडा जलालपुर में प्राइवेट विद्युत कर्मी दीपक के बारे में लोंगो का कहना है कि वह खुद को अधिकारी बता कर हम लोंगो के घरों में कूद जाता है महिलाओ से अभद्रता करता है साथ ही अवैध सामग्री खुद ही घरों में रखकर विडिओ बनाकर ब्लेक मेल कर पैसा वसूली करता है,, लोंगो ने इस कार्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कार्यवाही की मांग जिलाधिकारी हरिद्वार से की है,, लोंगो की मांग है कि तत्काल ऐसे कर्मी को हटाया जाए ताकि गांव में क़ोई बड़ा हादसा न हो,!

यू के डी बनी ज्वालामुखी,,तीन बैरियर तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़े उक्रांद कार्यकर्ता,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, (  पुलिस ने रोकने को किया वाटर केनन का प्रयोग,,!चमोली, ) गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर भराड़ीसैंण में प्रदर्शन करते उक्रांद कार्यकर्ता।      गैरसैंण (चमोली)। बजट सत्र के पहले दिन ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने स्थाई राजधानी गैरसैंण और प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के खिलाफ आंदोलन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें दुगतोलासैंण चेक पोस्ट पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी बैरियर तोड़कर दिवालीखाल की ओर बढ़ गए। यहां भी मुख्य बैरियर को पार कर भराड़ीसैंण की ओर बढ़ गए। भराड़ीसैंण में पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए वाटर केनन का प्रयोग किया, जिससे उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। यहां से कई उक्रांद नेता पुलिस की सभी तैयारियों को धत्ता बताते हुए जंगल के रास्ते विधानसभा भवन के पास तक पहुंचने में कामयाब हुए। हालांकि विधानसभा भवन के नजदीक पहुंचते ही पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। उक्रांद नेताओं का कहना था कि सरकार राज्य आं...

यू पी के अम्बेडकरनगर में पत्रकार असुरक्षित सामाजिक कार्यक्रम से लौटते समय हुआ जानलेवा हमला, क़ानून है कहाँ,,????।

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  माना कि पत्रकारिता भारतीय संबिधान का चौथा स्थम्भ थी,, लेकिन क्या आज संबिधान आपको साकार रूप मे दिख रहा है,,? पत्रकारों पर हमले स्वतंत्रता पर हमले है भारतीय संबिधान पर हमले है जागो हिंदुस्तान,,,!प्रदेश अध्यक्ष उत्तराखंड स संपादक शिवाकांत पाठक पत्रकार योग कल्याण समिति रजि,.. पत्रकार पर जानलेवा हमला, जातिसूचक गालियां देकर हॉकी-डंडों से पीटा , रुस्तमपुर चौराहे के पास हुई घटना, मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में दी तहरीर।  संवाददाता आलापुर अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर। जिले में पत्रकारों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द पर सवाल खड़ा करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। आलापुर तहसील क्षेत्र के पत्रकार जगदीप गौतम पर बीती रात कथित रूप से कुछ लोगों ने जातिसूचक गालियां देते हुए जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने हॉकी और डंडों से बुरी तरह मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया और घटना की जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम रामकोला निवासी पत्रकार जगदीप गौतम बीते लगभग पाँच वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्द...