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एस एस पी नवनीत सिंह ने दी ईद की बधाई और कहा, कानून की गरिमा का ध्यान रखें,!हरिद्वार,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, ( नवरात्रि एवम ईद का पर्व पावन त्योहारों में गिना जाता है शांति, सदभावना, भाई चारा, प्रेम, सौहार्द को आप सभी लोग बनाये रखें,, त्यौहार की आड़ में कानून की गरिमा को यदि ठेस पहुंची तो परिणाम कानून स्वयं देगा,,) ईद के दौरान शांति/सुरक्षा व्यवस्था एवं धार्मिक सद्भाव दुरुस्त रखने के लिए एसएसपी हरिद्वार ने सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारी  को ऑनलाइन वीसी के माध्यम से दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश 👇 किसी भी स्तर पर ना हो कोई लापरवाही सभी अधिकारी रहेंगे सतर्क,सभी पुलिस अधिकारी रहेंगे अपने अपने क्षेत्र में राउंड पर,, 1- सभी थाना प्रभारी नमाज एवं पर्व के दौरान सरकारी वाहन के साथ लगातार राउंड पर रहेंगे। 2- ईदगाह एवं आसपास के स्थलों की लगातार निगरानी व चैकिंग की जाए। 3- नमाज से पूर्व वाहनों को सही तरीके से खड़ा करवाया जाए ताकी यातायात संबंधी कोई परेशानी न हो। 4- संवेदनशील स्थानों पर लगातार पुलिस पार्टी गश्त पर रहें एवं शरारती तत्वों पर नजर बनाए रखें। 5- पर्व के दौरान सभी सर्किल ऑफिसर्स थाना प्रभारियों के संपर्क में रहेंगे व कोई भी लॉ एंड ऑर्ड...

आपदा में अवसर — परन्तु इस बार गैस माफियाओं का वर्षो पुराना खेल बेनकाब हो गया!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, काफी दिनों से देश में  एलपीजी गैस को लेकर जो अफरातफरी दिखाई दे रही है, उसे देखकर ऐसा लग सकता है कि मानो  अचानक गैस की भारी कमी हो गई है। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। भारत में इस समय एलपीजी गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है फिर वज़ह क्या है । दरअसल, सरकार ने केवल भविष्य की सुरक्षा और आपूर्ति को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से गैस रिफिल बुकिंग के लिए 25 दिनों की न्यूनतम बुकिंग गैप (𝐥𝐨𝐜𝐤-𝐢𝐧 𝐩𝐞𝐫𝐢𝐨𝐝) लागू की है। उद्देश्य था कि सिस्टम में पारदर्शिता आए और वितरण सही तरीके से हो सके। लेकिन जैसे ही यह नियम लागू हुआ, देश भर में गैस एजेंसियों पर मची अफरा-तफरी ने एक बहुत बड़े खेल की पोल खोल दी। और एक बड़ा सच सामने आ गया। असलियत यह है कि कई जगहों पर गैस एजेंसी मालिकों ने एक संगठित सिंडिकेट बना रखा था। ये लोग आम घरेलू उपभोक्ताओं के नाम पर, उनकी जानकारी के बिना ही गैस सिलेंडर की बुकिंग कर देते थे। बाद में वही घरेलू सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेच दिए जाते थे। पहले जब बुकिंग की कोई समय सीमा...

कोतवाली ज्वालापुर एवम थाना सिडकुल में शांति समिति की बैठक,!हरिद्वार पुलिस,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, आगामी ईद-उल-फितर पर्व के दृष्टिगत ज्वालापुर पुलिस द्वारा किया गया गोष्ठी का आयोजन सीओ ज्वालापुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई गोष्ठी सभी समुदाय के संभ्रांत व्यक्ति/ इमाम/ पार्षद/ व्यापार मंडल के सदस्य आदि रहे मौजूद ,, थाना सिडकुल में भी वरिष्ठ समाजसेवीयो की मौजूदगी में शांति कमेटी की बैठक संपन्न हुई,! दिनांक 18/03/2026 को कोतवाली ज्वालापुर प्रांगण में सीओ ज्वालापुर संजय चौहान व प्रभारी निरीक्षक ज्वालापुर कुन्दन सिंह राणा की अध्यक्षता में आगामी ईद-उल-फितर के दृष्टिगत थाना क्षेत्र में निवासरत सभी समुदाय के सम्भ्रांत व्यक्तियों/ मौलवी/इमाम/सी.एल.जी मैम्बर्स/ पार्षदों/व्यापार मंडल के पदाधिकारी सदस्यों की मौजूदगी में थाना प्रांगण में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मौजूद लोगों को ईद-उल-फितर पर्व को सकुशल सम्पन्न कराये जाने हेतु पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की गई साथ ही साफ-सफाई/यातायात व्यवस्था/नमाज़ को दौरान रोड बाधित न करने एवं यातायात व्यवस्था में सहयोग करने के लिए कहा गया।   सीओ ज्वालापुर द्वारा बताया गया सोशल मीडिया पर किसी तरह की कोई ऐसी...

मौसम विभाग की आवश्यक सूचना,, पढ़िए,,,

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  स संपादक शिवाकांत पाठक  पिछले 2 महीने से मौसम शांत रहने के बाद अचानक मौसम ने करवट बदली है 15 मार्च से उत्तराखंड राज्य के अनेक जिले बरसात तूफान और ओलावृष्टि की चपेट में आएंगे आईएमडी के अनुसार 15 मार्च को उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने / झोंकेदार हवाएं (वायु गति 40-50 कि.मी./घंटा तक) चलने की संभावना है। इसकेअलावा हरिद्वार, उधमसिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल एवं चम्पावत जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/ओलावृष्टि/ झक्कड़ (वायु गति 50-60 कि.मी./ घंटा तक) चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। साथी् राज्य के पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं वर्षा के तीव दौर होने की संभावना है। इसके अलावा मौसम विभाग ने 16 मार्च को राज्य के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने / झोंकेदार हवाएं (वायु गति 40-50 कि.मी./घंटा तक) चलने की संभावना के अलावा राज्य के हरिद्वार, उधमसिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल...

उत्तराखण्ड लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष बने सुंदर सिंह तोमर!जनपद हरिद्वार,!

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  संपादक शिवाकांत पाठक, ( सभी ने तहे दिल से दीं बधाईया ) ( उत्तराखंड लेखपाल संघ कभी भी अन्याय बर्दास्त नहीं करेगा,, देवेश घिल्डियाल  ) आज दिनांक 13.03.2026 को उत्तराखण्ड लेखपाल संघ जनपद शाखा हरिद्वार की जिला कार्यकारिणी का चुनाव कार्यक्रम पूर्व निधारित ऐजण्डा के अनुसार तहसील भवन भगवानपुर में आयोजित किया गया,  जिसमें सुंदर सिंह तोमर  सर्व सम्मति से बने जिला अध्यक्ष,! आपको बताते चले कि सुन्दर सिंह तोमर संगठन हेतु सदैव ही तत्परता से अपनी अहम भूमिका निभाते रहे साथ ही उत्तराखंड लेखपाल संघ की गरिमा को कायम रखा,, संगठन के हित में कार्य करने को लेकर आज सर्व सम्मति से उन्हें   जिला अध्यक्ष पद हेतु चुना गया,,जिसमें निम्नलिखित जिला कार्यकारिणी का निर्विरोध रूप से चयन किया गया,, सभी पदाधिकारियों ने शपथ ली की वे निर्भीकता एवम निडरता के साथ सभी साथियों के लिये संगठन हित में कार्य करेंगे और किसी का भी  शारीरिक मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न नहीं होने देंगे 👇 01. जिलाध्यक्ष श्री सुन्दर सिंह तोमर 02. जिला महामंत्री श्री मनीष गुप्ता 03. उपाध्यक्ष प्रथम श्री मोहित कुमार 04. उ...

प्लीज् डी एम सर हमको सी बी एस सी इक्जाम मे पढ़ लेने दो दुबारा कहना पड़ रहा है नवोदय नगर में रात्रि का खनन बंद करा दो,!

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  भ्रष्टाचार आज हमारे देश की जड़ो में व्याप्त हो गया है क्योकि सिस्टम में जब तक कुछ लोग ईमानदार थे तब अवैध कार्य कम होते थे लोंगो को न्याय मिलता था लोग या अधिकारी ईमानदार थे,, देश के लिए कुछ करने का जज्बा था,, लेकिन अब परिदृश्य ही बदल गया, लालच में अंधे होते लोग मातृ भूमि, देश, समाज सब कुछ भुला बैठे,, कानून केवल पूँजी पतियों और जिम्मेदार लोंगो की हाँथ की कठपुतली बन कर रह गया,, अब  भी एक आदमी के दस सर हैँ बस देखने का अंदाज  क्या है यह जानना जरुरी है,, खनन गतिविधियों में वृद्धि से नदी के तल का आकार भी बदल जाता है और नदी के प्रवाह और तलछट पर प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक चलने वाली खनन गतिविधियों से नदी की नहरें गहरी हो जाती हैं, जिससे नदी के किनारे कट जाते हैं और बाढ़ आ जाती है। जिसे अक्सर “छोटी चीज़” समझा जाता है — वास्तव में आधुनिक सभ्यता की रीढ़ है। यह निर्माण उद्योग  कंक्रीट, ग्लास, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की मूलभूत सामग्री है।लेकिन बढ़ती मांग और सीमित प्राकृतिक आपूर्ति ने रेत को “सफेद सोना  बना दिया है। भारत सहित कई देशों में यह अब अवैध खनन  माफि...

प्लीज डी एम अंकल हमको पढ़ने दो, नवोदय नगर में हो रहे रात्रि के खनन को कैसे भी हो बंद करा दो,,, प्लीज्,

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स संपादक शिवाकांत पाठक, भ्रष्टाचार आज हमारे देश की जड़ो में व्याप्त हो गया है क्योकि सिस्टम में जब तक कुछ लोग ईमानदार थे तब अवैध कार्य कम होते थे लोंगो को न्याय मिलता था लोग या अधिकारी ईमानदार थे,, देश के लिए कुछ करने का जज्बा था,, लेकिन अब परिदृश्य ही बदल गया, लालच में अंधे होते लोग मातृ भूमि, देश, समाज सब कुछ भुला बैठे,, कानून केवल पूँजी पतियों और जिम्मेदार लोंगो की हाँथ की कठपुतली बन कर रह गया,, अब  भी एक आदमी के दस सर हैँ बस देखने का अंदाज  क्या है यह जानना जरुरी है,, खनन गतिविधियों में वृद्धि से नदी के तल का आकार भी बदल जाता है और नदी के प्रवाह और तलछट पर प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक चलने वाली खनन गतिविधियों से नदी की नहरें गहरी हो जाती हैं, जिससे नदी के किनारे कट जाते हैं और बाढ़ आ जाती है। जिसे अक्सर “छोटी चीज़” समझा जाता है — वास्तव में आधुनिक सभ्यता की रीढ़ है। यह निर्माण उद्योग  कंक्रीट, ग्लास, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की मूलभूत सामग्री है।लेकिन बढ़ती मांग और सीमित प्राकृतिक आपूर्ति ने रेत को “सफेद सोना  बना दिया है। भारत सहित कई देशों में यह अब अव...