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भारतीय लोकतंत्र के कैमरे से यू पी पुलिस को नफरत क्यों,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, उत्तर प्रदेश किधर जा रहा है।मेरठ की डीसीपी सौम्या अग्रवाल महोदया का फरमान सुनकर लगा जैसे थाने में नहीं, किसी गुप्त शोध केंद्र में प्रवेश हो गया हो…जहाँ कैमरा ले जाना राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला हो! थाने को अगर नो कैमरा ज़ोन बनाना ही है, तो बोर्ड भी लगवा दीजिए…यहाँ सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस वाले कैमरे मान्य हैं, सच्चाई दिखाने वाले प्रतिबंधित। अरे मैडम, थाना है… जनता का है… टैक्स से चलता है… कोई सीक्रेट सेट नहीं जहाँ शूटिंग पर पाबंदी हो। अगर पत्रकार वीडियो बना ले तो तुरंत मुकदमा? इतनी फुर्ती तो कई बार असली अपराधियों पर भी नहीं दिखती! जब पुलिस की कार्रवाई अच्छी हो तो कैमरे बुलाए जाते हैं, प्रेस नोट जारी होते हैं, फोटो खिंचवाए जाते हैं। लेकिन अगर कैमरा बिना बुलाए आ जाए, तो वह अचानक कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन जाता है। डीसीपी सौम्या अग्रवाल जी, लोकतंत्र में कैमरा दुश्मन नहीं होता, आईना होता है और आईने से वही डरता है जिसे अपना चेहरा साफ़ न दिखे। मुकदमे की तलवार लटकाने से साख नहीं बढ़ती, सवालों के जवाब देने से बढ़ती है।

डी एम और एस एस पी हरिद्वार ने पुलिसकर्मियों एंव पुलिस परिवार के साथ हर्षोल्लास से मनाई होली,!हरिद्वार,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, धार्मिकता ही नहीं वल्कि निरभिमानिता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए जिले के मुखिया ने अपने सेना नायक  नवनीत सिंह ( एस एस पी हरिद्वार ) के साथ होली महा पर्व को मर्यादा की सीमाओ मे रहते हुए हर्षोल्लास पूर्ण ढंग से मनाया,, जैसे प्रभु राम और हनुमान का मिलन जैसे श्री कृष्ण और बलराम का मिलन साधारण नहीं अपितु अलौकिक था ठीक वैसे ही जिसे की सर्वोच्च व्यवस्था को सँभालने वाले जिलाधिकारी  मयूर दीक्षित  अपने सेनानायक से असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक होली महा पर्व पर मिलते हैँ,संयोग वश रमजान के पावन माह और साथ मे रंगों का पर्व होली एक साथ होने के वावजूद जिले में किसी भी प्रकार की अनहोनी की घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है,,इस बात को लेकर जनता में  एकखुशी का माहौल देखने को मिला,,तो फिर जिम्मेदारो के लिये एक दूसरे पर रंग लगाकर अपनी सांस्कृतिक  की धरोहर परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक दूसरे के गले मिलकर दी गई शुभकामनाएं भी तो जरुरी थीं,, राम चरित मानस में गो स्वामी तुलसी दास जी महराज लिखते है,, सुनु सुत तोहि उरिन मैं नाहीं। देखेउँ करि बिचार मन माहीं॥"। ल...

नीरव राजपूत एवम उनकी टीम ने दीं देव तुल्य जनता को होली की शुभकामनायें,! हरिद्वार उत्तराखंड,,!

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  संपादक शिवाकांत पाठक,, नीरव राजपूत एवम उनके सहयोगी मित्रो ने    वी एस इंडिया न्यूज़ दैनिक विचार सूचक समाचार परिवार से रूबरू होते हुए,,    हरिद्वार जनपद के साथ उत्तराखंड वासियों को होली की हार्दिक शुभकामनायें प्रदान करते हुए कहा की,होली (4 मार्च, 2026) प्रेम, एकता और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला रंगों का प्राचीन त्यौहार है। इसका इतिहास भक्त प्रहलाद-होलिका की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जो 'होलिका दहन' के रूप में बुराई के जलने और रंगों द्वारा भाईचारे का संदेश देता है।     हिरण्यकशिपु ने अपने विष्णु भक्त पुत्र प्रहलाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को गोद में लेकर आग में बैठने को कहा था। होलिका, जिसे आग में न जलने का वरदान था, जल गई लेकिन प्रहलाद बच गए। यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है।     होली को राधा और कृष्ण के निश्छल प्रेम से भी जोड़ा जाता है। कृष्ण ने राधा को रंग लगाकर यह परंपरा शुरू की थी।   पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने अपनी तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को भस्म कर ...

सुरभि एसोसिएट्स की ओर से होली की हार्दिक शुभकामनायें,,!

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  संपादक शिवाकांत पाठक,, उत्तराखंड एवम हरिद्वार तथा नवोदय नगर वार्ड नम्बर 13 की देव तुल्य जनता को अनेकता मे एकता के प्रतीक होली महापर्व की हार्दिक शुभकामनायें प्रदान करते हुए कामेन्द्र जी ने कहा कि होली मनाने के पीछे एक कथा है जो पौराणिक काल से चली आ रही है, इस कथा में ही होली मनाने का रहस्य छिपा हुआ है।     इस त्योहार को लेकर सबसे प्रचलित है प्रहलाद, होलिका और हिरण्यकश्यप की कहानी। पुराणों के अनुसार दानवराज हिरण्यकश्यप ने जब देखा कि उसका पुत्र प्रह्लाद सिवाय विष्णु भगवान के किसी अन्य को नहीं भजता, तो वह क्रुद्ध हो उठा और अंततः उसने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया की वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए, क्योंकि होलिका को वरदान प्राप्त था कि उसे अग्नि नुक़सान नहीं पहुंचा सकती।     होलिका जलकर भस्म हो गई और भक्त प्रह्लाद को कुछ भी नहीं हुआ। इसी घटना की याद में इस दिन होलिका दहन करने का विधान है।इसे हिन्दू धर्म में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हुए प्रतिवर्ष फाल्गुण पूर्णिमा की रात होलिका दहन की परंपरा है। होली का पर्व संदेश देता है कि इसी प्रकार ईश...

केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन पर सी एम ने लिया जायजा,,!हरिद्वार,!

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स संपादक शिवाकांत पाठक,, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 7 मार्च, 2026 को हरिद्वार बैरागी कैम्प में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का मुख्यमंत्री ने स्थलीय निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। हरिद्वार, 03 मार्च, 2026 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का उत्तराखण्ड आगमन राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। मुख्यमंत्री  ने अधिकारियों को ...

होली पर्व पर SSP हरिद्वार नवनीत सिंह का बधाई संदेश,,,

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स संपादक शिवाकांत पाठक, होली पर्व के अवसर पर SSP हरिद्वार द्वारा जनपदवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों और हुड़दंग करने वालों पर होगी सख़्त से सख़्त कार्रवाई संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स की गई तैनात, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद पुलिस बल को लगातार गश्त एवं सघन चेकिंग अभियान चलाने के दिए गए सख़्त निर्देश हरिद्वार पुलिस की अपील, प्रेम, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाएं सुरक्षित होली, किसी भी प्रकार से किसी भी जाति समुदाय के लिए अपशब्द का प्रयोग ना करें रंगों का त्योहार खुशियों का बने, अव्यवस्था का नहीं सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने से बचें, किसी भी प्रकार से पुलिस की आवश्यकता पड़ने पर 112, या नजदीकी थाना /चोकी पर अवश्य संपर्क करें

सभासद दीपक नौटियाल ने दीं देव तुल्य जनता को होली की शुभकामनायें,!नवोदय नगर हरिद्वार,!

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  संपादक शिवाकांत पाठक,, दीपक नौटियाल सभासद वार्ड नम्बर 13 ने वी एस इंडिया न्यूज़ दैनिक विचार सूचक समाचार परिवार से रूबरू होते हुए,, नवोदय नगर एवम हरिद्वार जनपद के साथ उत्तराखंड वासियों को होली की हार्दिक शुभकामनायें प्रदान करते हुए कहा की,होली (4 मार्च, 2026) प्रेम, एकता और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला रंगों का प्राचीन त्यौहार है। इसका इतिहास भक्त प्रहलाद-होलिका की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जो 'होलिका दहन' के रूप में बुराई के जलने और रंगों द्वारा भाईचारे का संदेश देता है।     हिरण्यकशिपु ने अपने विष्णु भक्त पुत्र प्रहलाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को गोद में लेकर आग में बैठने को कहा था। होलिका, जिसे आग में न जलने का वरदान था, जल गई लेकिन प्रहलाद बच गए। यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है।     होली को राधा और कृष्ण के निश्छल प्रेम से भी जोड़ा जाता है। कृष्ण ने राधा को रंग लगाकर यह परंपरा शुरू की थी।   पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने अपनी तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को भस्म कर दिया था, जिसे...