नया कानून,पत्रकारों को खबर छापने से पहले लेनी होगी मंत्री जी की इजाजत?
संपादक शिवाकांत पाठक ( निजता कानून पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मीडिया, प्रेस की आजादी पर बड़ा सवाल ) ( सुप्रीम कोर्ट में 19 नवम्बर को होगी मिडिया की याचिका पर सुनवाई ) भारत के डिजिटल निजता कानून के खिलाफ समाचार संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मीडिया संगठनों का आरोप है कि सहमति और डेटा हटाने से जुड़े प्रावधान खोजी पत्रकारिता को कमजोर कर सकते हैं, गोपनीय सूत्रों को खतरे में डाल सकते हैं और सार्वजनिक हित की खबरों के प्रकाशन में बाधाएं पैदा कर सकते हैं। भारत मे खबर लिखने और प्रकाशित करने की आजादी को लेकर एक बड़ा संवैधानिक सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है। केंद्र सरकार के डिजिटल निजता कानून को चुनौती देते हुए मीडिया संगठनों ने आशंका जताई है कि इसके प्रावधान पत्रकारों के लिए खबरों में शामिल लोगों की सहमति लेना जरूरी बना सकते हैं। मीडिया संगठनों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति की जांच करने या उसके बारे में सार्वजनिक हित से जुड़ी खबर प्रकाशित करने से पहले उसी की अनुमति लेनी पड़े, तो खोजी पत्रकारिता का उद्देश्य ही खत्म हो सकता है। इस मामले ने निजता के अधिकार और प्रेस क...