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निजी स्कूलों की खुलेआम लूट पर यू के डी का जोरदार प्रदर्शन,!देहरादून,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, ( सम्पूर्ण उत्तराखंड निजी स्कूलों की लूट की चपेट में,,,) यूकेडी ने निजी स्कूलों की मनमानी और अनावश्यक फीस वृद्धि, किताबों का बोझ जैसे मुद्दों के साथ बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यूकेडी कार्यकर्ता डीएम कार्याल के दोनों गेटों से आगे बढ़े। जिस पर यूकेडी कार्यकर्ताओं की सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष कुमार के साथ तीखी नोंक झोंक भी हुई। यूकेडी के महानगर अध्यक्ष प्रवीण चंद रमोला के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं का कहना था कि शीघ्र ही नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। प्रत्येक वर्ष यह देखा जाता है कि दून के अनेक निजी विद्यालय अभिभावकों पर मनमानी फीस वृद्धि का दबाव बनाते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए महंगी एवं अनावश्यक पुस्तकों, कॉपियों, यूनिफॉर्म तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री की लंबी सूची जारी कर दी जाती है। कई विद्यालय अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान या विक्रेता से ही किताबें, कॉपियां एवं यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिससे इन वस्तुओं की कीमत सामान्य बाजार की तुलना में काफी अधिक हो जाती ह...

गौ सेवा या प्रेम सिर्फ नाटक या वास्तविक,,? नवोदय नगर,!

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  शास्त्रीय लेख बताते है की गाय में देवताओं का वास होता है गाय को रोटी खिलाना भारतीय सस्कृति का अभिन्न अंग है,, लेकिन गाय पालना वर्तमान में बेहद कठिन हो गया और जीवन को सीमाओ में सीमित कर हमने ही इसका लाभ दुसरो को देना शुरू किया,, आप सभी जानते है कि एक विशेष समुदाय के लोग पानी,, बिजली,किराये के मकान आदि संकटो से मुक्त पूरी तरह सादा जीवन जीते हुए हमारी अवश्यकताओ कि पूर्ति में एक अहम भूमिका निभाते हुए दुधारू जानवर पालने का व्यवसाय कर अच्छी खासी आमदनी का जरिया बना रखा है,, परिणाम स्वरूप 24 घंटे नवोदय नगर में घूमने वाली लावारिस गायें आप देखते होंगे,, जबकि ये लावारिस नहीं है फिर भी हमारी खामोशी से दर दर भटकने को मजबूर हैँ,, इन्हे पालने वाले कभी इन्हे किसी स्थाई जगह पर बांधते ही नहीं,, क़ोई इन्हे घास चराने भी नहीं जाता,, इनके लिए क़ोई चारा भी नहीं लाता सब कुछ तुम्हारी आस्था पर निर्भर है,, लेकिन गाय मर गई,, बीमार हो गई,, गाय का पैर टूट गया तो गो सेवक अपनी सेवा का झंडा गाड़ने में पीछे नहीं रहते,, जबकि आवारा गौ वंश पर होने वाले हर अत्याचार के लिए समाज दोसी है,, क्यों कि गौ वंश से सिर्फ दूध का फ...

पैसे मांगने का आरोप पत्रकारिता पर ही क्यों,,क्या बाकी सभी हरिश्चन्द्र हैँ,,,?,स संपादक शिवाकांत पाठक,!

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  एक गैस एजेंसी में रिफिलिंग को लेकर समाचार हेतु गये पत्रकारों के विरुद्ध पैसों की मांग का आरोप लगाते हुए शिकायत  का मामला सामने आया है,,पत्रकारों के विरुद्ध आनन फानन में मुकदमा भी दर्ज होना सिस्टम की कार्य शैली में चारचाँद साबित हो रही है,, क्यों कि मामला गैस रिफ़्ललिंग का है जो कि लम्बे समय से होना बताया जा रहा है,, वहीं पुष्पक गैस एजेंसी का डिस्टी बूटर विडिओ में कह रहा है कि कल भी पैसे ले गया,, मतलब साफ है कि मामला अब संदिग्ध है और बिकाऊ प्रणाली सवालों के घेरे में,, ऐसे में पैसे बाँटने वाला जो खुद कह रहा है कि पैसे कल ले गया आखिर क्यों, किस बात के पैसे देने की बात कर रहा है,,? क्या इसलिए पैसे देने की बात कर रहा है कि वह पूर्ण रूप से ईमानदार है,, या फिर,,,,?????  वैसे तो केशव थलवाल की विडिओस आज सिर्फ भारत में नहीं अपितु विश्व के कई देशो में चर्चा का विषय बन चुकी है जिसपर विश्व मानवाधिकार संगठन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने लेटर हेड पर लिख कर सी बी आई जांच की मांग एवम मुलाक़ात कर गंभीर चर्चा के लिए लिखा है,, ज्ञात हो की पूर्व में माननीय सुप्रीम कोर्ट...

जमाना तो है नौकर,,,पति ने नहीं की वर्तनो की धुलाई, पत्नी ने पुलिस बुलाई,,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, यूपी के बस्ती में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया, जिसे सुनकर पुलिस अफसर भी हैरान रह गए. यहां एक महिला जब शाम को खाना बनाने अपने किचन में पहुंची तो सिंक में पड़े जूठे बर्तनों को देखकर वह पति पर आगबबूला हो गई. पति से झगड़ा होने लगा. विवाद इतना बढ़ा कि पत्नी ने कॉल कर पुलिस बुला ली. ये कहानी सोनहा थाना क्षेत्र गांव की है. शाम का समय था. घर में खाना बनने की तैयारी होनी थी. पत्नी जैसे ही किचन में पहुंची, उसकी नजर सिंक में पड़े जूठे बर्तनों पर पड़ी. उसने तुरंत अपने पति से सवाल किया- ये बर्तन अभी तक साफ क्यों नहीं किए? पति ने या तो इस बात को हल्के में लिया या टाल दिया. बस, यहीं से बात बिगड़नी शुरू हो गई,, और पत्नी ने 112 पर फोन कर दिया,!

मान गये डी एम साहब,,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में नवोदय नगर में सत्या गैस एजेंसी द्वारा रिफिलिंग का खुलासा,!नवोदय नगर हरिद्वार,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, नवोदय नगर की जनता और जन प्रतिनिधि रहे मौन फिर भी जिला प्रसाशन का औचक छापा,,घरेलू गैस सिलेंडरो में कम गैस पाए जाने पर 02 गैस वाहन चालकों के विरुद्ध किया गया मुकदमा दर्ज  जिलाधिकारी के निर्देशन में पूर्ति विभाग द्वारा अब की जा रही है छापेमारी की कार्यवाही पहले राम भरोसे चल रहा था सारा काम,,, हरिद्वार 21 मार्च 2026       जनपद में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में किसी भी दशा में उपयोग एवं कालाबाजारी न हो इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला पूर्ति अधिकारी को सख्त हिदायत दी है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में निरंतर छापेमारी की कार्यवाही करते हुए, जिन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करते हुए पाए जाते एवं किसी भी व्यक्ति द्वारा घटतौली कि जाती है तो उनके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।     जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी के निर्देशन में एवं  भारत सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश 2026 के अनुपालन...

एस एस पी नवनीत सिंह ने दी ईद की बधाई और कहा, कानून की गरिमा का ध्यान रखें,!हरिद्वार,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक, ( नवरात्रि एवम ईद का पर्व पावन त्योहारों में गिना जाता है शांति, सदभावना, भाई चारा, प्रेम, सौहार्द को आप सभी लोग बनाये रखें,, त्यौहार की आड़ में कानून की गरिमा को यदि ठेस पहुंची तो परिणाम कानून स्वयं देगा,,) ईद के दौरान शांति/सुरक्षा व्यवस्था एवं धार्मिक सद्भाव दुरुस्त रखने के लिए एसएसपी हरिद्वार ने सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारी  को ऑनलाइन वीसी के माध्यम से दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश 👇 किसी भी स्तर पर ना हो कोई लापरवाही सभी अधिकारी रहेंगे सतर्क,सभी पुलिस अधिकारी रहेंगे अपने अपने क्षेत्र में राउंड पर,, 1- सभी थाना प्रभारी नमाज एवं पर्व के दौरान सरकारी वाहन के साथ लगातार राउंड पर रहेंगे। 2- ईदगाह एवं आसपास के स्थलों की लगातार निगरानी व चैकिंग की जाए। 3- नमाज से पूर्व वाहनों को सही तरीके से खड़ा करवाया जाए ताकी यातायात संबंधी कोई परेशानी न हो। 4- संवेदनशील स्थानों पर लगातार पुलिस पार्टी गश्त पर रहें एवं शरारती तत्वों पर नजर बनाए रखें। 5- पर्व के दौरान सभी सर्किल ऑफिसर्स थाना प्रभारियों के संपर्क में रहेंगे व कोई भी लॉ एंड ऑर्ड...

आपदा में अवसर — परन्तु इस बार गैस माफियाओं का वर्षो पुराना खेल बेनकाब हो गया!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, काफी दिनों से देश में  एलपीजी गैस को लेकर जो अफरातफरी दिखाई दे रही है, उसे देखकर ऐसा लग सकता है कि मानो  अचानक गैस की भारी कमी हो गई है। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। भारत में इस समय एलपीजी गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है फिर वज़ह क्या है । दरअसल, सरकार ने केवल भविष्य की सुरक्षा और आपूर्ति को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से गैस रिफिल बुकिंग के लिए 25 दिनों की न्यूनतम बुकिंग गैप (𝐥𝐨𝐜𝐤-𝐢𝐧 𝐩𝐞𝐫𝐢𝐨𝐝) लागू की है। उद्देश्य था कि सिस्टम में पारदर्शिता आए और वितरण सही तरीके से हो सके। लेकिन जैसे ही यह नियम लागू हुआ, देश भर में गैस एजेंसियों पर मची अफरा-तफरी ने एक बहुत बड़े खेल की पोल खोल दी। और एक बड़ा सच सामने आ गया। असलियत यह है कि कई जगहों पर गैस एजेंसी मालिकों ने एक संगठित सिंडिकेट बना रखा था। ये लोग आम घरेलू उपभोक्ताओं के नाम पर, उनकी जानकारी के बिना ही गैस सिलेंडर की बुकिंग कर देते थे। बाद में वही घरेलू सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेच दिए जाते थे। पहले जब बुकिंग की कोई समय सीमा...