अधिकारी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते,,न्यायलय का आदेश मै जेब मे रखता हूँ, 20 साल से ईमानदारी से सेवा कर रहा हूँ,,!
( कानून गो बंगाल सिंह का कहना है कि तहसीलदार साहब ने कहा कि मैं ऐसे कोर्ट के आदेशों को नहीं मान सकता,,हालांकि लिखित में नहीं दिया,, जब एक तहशीलदार के लिए चकबंदी न्यायलय के आदेशों की अवहेलना क़ोई बड़ी बात नहीं,, तो सोचो आज हमारा देश कहाँ जा रहा है,, हालांकि अदालत की अवमानना आज के दौर मे क़ोई बड़ी बात नहीं,, यहाँ से लेकर सचिवालय तक मेरी पहुंच है,,, बंगाल सिंह,,,) किसान ने कहा की माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र भेज कर अब प्राण त्यागना चाहता हूँ,, हालाँकि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रदेश सचिव अनूप भारद्वाज एडवोकेट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को पहुंचाने का निर्णय लिया है,,,जन चर्चा है कि विगत कई दसको से एक स्थान पर कार्य कर रहे चकबंदी के कानून गो बड़े बड़े अधिकारियो को ठेंगे पर रखते हैँ,,चार माह से अपने थैले में न्यायालय के आदेश को डालने वाले कानून गो साहब का हैंसला काबिले तारीफ है,, यह एक दम ध्रुव सत्य है कि भारत हजारों वर्षो गुलाम रहा,, और गुलामी से आजाद होने के लिए कुछ चंद वतन परस्त लोंगो ने अपने घर परिवार और अपनी खुद की जिंदगी का...