रोशनाबाद में कम्पनी का गेट चेंज करने को लेकर ज्ञापन,,
गांव के भीतर प्रस्तावित औद्योगिक कंपनी और गांव के मुख्य मार्ग पर गेट खोलने का मुद्दा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। आज सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन के सामने अपनी आवाज़ बुलंद की। उनके साथ भीम आर्मी जय भीम संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मजबूती से खड़े दिखे। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में साफ संदेश दिया गया—कंपनी का गेट गांव की ओर नहीं, सिडकुल की ओर खुले। ग्रामीणों का तर्क सीधा और मजबूत है। यह रास्ता केवल कंपनी के लिए नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों की धड़कन है। यहां से बच्चे स्कूल जाते हैं, किसान खेतों तक पहुंचते हैं, महिलाएं और बुजुर्ग दिनभर आवागमन करते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही इस मार्ग को खतरे का गलियारा बना देगी। सवाल यह नहीं कि उद्योग लगे या न लगे, सवाल यह है कि किस कीमत पर लगे। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं और उद्योग विभाग की टीम जल्द मौके पर पहुंचने वाली है। लेकिन ग्रामीण अब सिर्फ कागज़ी कार्रवाई पर भरोसा करने को तैयार नहीं। भीम आर्मी और क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट कर दिया है...