आपदा में अवसर — परन्तु इस बार गैस माफियाओं का वर्षो पुराना खेल बेनकाब हो गया!
स संपादक शिवाकांत पाठक,, काफी दिनों से देश में एलपीजी गैस को लेकर जो अफरातफरी दिखाई दे रही है, उसे देखकर ऐसा लग सकता है कि मानो अचानक गैस की भारी कमी हो गई है। लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। भारत में इस समय एलपीजी गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है फिर वज़ह क्या है । दरअसल, सरकार ने केवल भविष्य की सुरक्षा और आपूर्ति को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से गैस रिफिल बुकिंग के लिए 25 दिनों की न्यूनतम बुकिंग गैप (𝐥𝐨𝐜𝐤-𝐢𝐧 𝐩𝐞𝐫𝐢𝐨𝐝) लागू की है। उद्देश्य था कि सिस्टम में पारदर्शिता आए और वितरण सही तरीके से हो सके। लेकिन जैसे ही यह नियम लागू हुआ, देश भर में गैस एजेंसियों पर मची अफरा-तफरी ने एक बहुत बड़े खेल की पोल खोल दी। और एक बड़ा सच सामने आ गया। असलियत यह है कि कई जगहों पर गैस एजेंसी मालिकों ने एक संगठित सिंडिकेट बना रखा था। ये लोग आम घरेलू उपभोक्ताओं के नाम पर, उनकी जानकारी के बिना ही गैस सिलेंडर की बुकिंग कर देते थे। बाद में वही घरेलू सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को ऊंचे दामों पर ब्लैक में बेच दिए जाते थे। पहले जब बुकिंग की कोई समय सीमा...