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सी बी एस सी बोर्ड इक्जाम में पढ़ लेने दो सभासद अंकल,, वार्ड नम्बर 13 की हुंकार,,!

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(  परमिशन  रात में क्यों और कितने वर्ग मीटर का है,,, पैमाइस क्यों नहीं,, खनन अधिकारी,, का मौन कई सवालों को जन्म दे रहा है,,) न्यायप्रिय जिलाधिकारी हरिद्वार श्री मयूर दीक्षित जी द्वारा खनन पर शख्त रुख अख्तियार करते हुए कुछ दिन पूर्व में दी गई बाइट,, नवोदय नगर के छात्रों ने सभासद दीपक नौटियाल जी से अनुरोध किया है कि हम सभी छात्रों के भविष्य को देखते हुए रात्रि में हो रहे खनन परमिसन को बंद कराया जाये,, हमको पढ़ने दो अंकल,, बच्चों की पुकार,,  नवोदय नगर में रात्रि के सन्नाटे को चीरती ट्रेकर ट्राली जोरदार आवाजे न सिर्फ आम जनता की नींद हराम करतीं है वल्कि भारत के भविष्य कहे जाने वाले विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में डालती नजर आ रहीं है,, आपको बताते चले कि 17 फरवरी 2026 से सी बी एस सी बोर्ड इक्जाम शुरू हो चुके हैं,, लेकिन राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह से मूक दर्शक बने नजर आ रहे है,, सवाल ये है कि यदि यह खनन परमिसन से हो रहा है तो कितने वर्ग मीटर की मजूरी है और रात्रि में क्यों,, जिम्मेदारों का मौन आखिर कब तक छात्रों के भविष्य के लिए खतरे का संकेत बना रहेगा,,? एस एस हर...

नवोदय नगर में हो रहा खनन वैद्ध अवैध, कौन देगा जवाब ,प्रथम पुरुष मौन क्यों ?

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  (  परमिशन  रात में क्यों और कितने वर्ग मीटर का है,,,) नवोदय नगर के छात्रों ने सभासद दीपक नौटियाल जी से अनुरोध किया है कि हम सभी छात्रों के भविष्य को देखते हुए रात्रि में हो रहे खनन परमिसन को बंद कराया जाये,,  नवोदय नगर में रात्रि के सन्नाटे को चीरती ट्रेकर ट्राली जोरदार आवाजे न सिर्फ आम जनता की नींद हराम करतीं है वल्कि भारत के भविष्य कहे जाने वाले विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में डालती नजर आ रहीं है,, आपको बताते चले कि 17 फरवरी 2026 से सी बी एस सी बोर्ड इक्जाम शुरू हो चुके हैं,, लेकिन राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह से मूक दर्शक बने नजर आ रहे है,, सवाल ये है कि यदि यह खनन परमिसन से हो रहा है तो कितने वर्ग मीटर की मजूरी है और रात्रि में क्यों,, जिम्मेदारों का मौन आखिर कब तक छात्रों के भविष्य के लिए खतरे का संकेत बना रहेगा,,?

कानून के हाँथ बहुत लम्बे होते हैँ दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा!हरिद्वार,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, ( तत्कालीन थानाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला ने की थी गिरफ्तारी और शख्त विवेचना  )  प्रेम संबंधों के चलते लिव इन पार्टनर युवती की हत्या करने के मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने मुख्य अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं 25,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. दूसरी अभियुक्त जो युवक की प्रेमिका थी, को हत्या का सबूत छिपाने के मामले में 5 वर्ष का कारावास तथा 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है. इस केस में मृतका के परिजनों की ओर से मकान मालिक ने मुकदमा दर्ज कराया था और छह साल तक मजबूत पैरवी की. तब जाकर परिजनों को इंसाफ मिला. लिव इन पार्टनर के हत्यारे को आजीवन कारावास: शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम रावली महदूद निवासी सुखबीर सिंह चौहान ने 25 मई 2020 को थाना सिडकुल में एक तहरीर दी थी. उन्होंने कहा था कि आरोपी रोहित पुत्र नीलेश निवासी ग्राम चिडै़या, नवादा, बिहार एवं सोनम उर्फ वर्षा निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश सिडकुल स्थित फैक्ट्री में कार्य करते थे. माह मार्च 2020 में दोनों ने शिवनगर कॉलोनी निकट डेंसो चौक, सि...

भारत में विकास के नाम पर मंदिरों का ध्वस्तीकरण: क्या यह न्यायसंगत है ?

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  🇮🇳भारत एक प्राचीन सभ्यता और विविध आस्थाओं का देश है, जहाँ मंदिर केवल पूजा-स्थल नहीं, बल्कि संस्कृति, कला, इतिहास और सामुदायिक जीवन के केंद्र रहे हैं। सड़कों का चौड़ीकरण, मेट्रो परियोजनाएँ, रेलवे कॉरिडोर, स्मार्ट सिटी योजनाएँ और अन्य आधारभूत संरचना विकास के लिए भूमि अधिग्रहण होता है, और कभी-कभी धार्मिक ढाँचों पर भी असर पड़ता है। ऐसे में अक्सर यह प्रश्न उठता है—क्या विकास के नाम पर केवल हिंदू मंदिर ही तोड़े जा रहे हैं? क्या यह न्यायसंगत है? इस संवेदनशील विषय को तथ्यों, कानून और व्यापक परिप्रेक्ष्य के साथ समझना आवश्यक है। *✴️विकास बनाम विरासत: टकराव की पृष्ठभूमि* भारत के अनेक शहरों का विकास अनियोजित ढंग से हुआ है। दशकों में सड़कों के किनारे, सरकारी भूमि या अतिक्रमित भूभाग पर छोटे-बड़े धार्मिक ढाँचे खड़े हो गए। जब सरकारें सार्वजनिक हित में परियोजनाएँ शुरू करती हैं, तो ऐसे निर्माण प्रभावित होते हैं। यह भी सच है कि जनसंख्या के अनुपात और भौगोलिक फैलाव के कारण देश में हिंदू मंदिरों की संख्या अधिक है, इसलिए आँकड़ों में मंदिरों का प्रभावित होना अधिक दिख सकता है। लेकिन केवल “संख्या अधिक द...

उत्तराखंड लेखपाल संघ के देवेश घिल्डियाल बने प्रदेश अध्यक्ष,,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,,    दिनांक 16 व 17 फरवरी 2026 को रामनगर नैनीताल में उत्तराखंड लेखपाल संघ के छठे महाधिवेशन का आयोजन किया गया। उक्त महाधिवेशन में प्रदेश के समस्त लेखपाल एवं मैदानी राजस्व निरीक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। अधिवेशन में उत्तराखंड लेखपाल संघ की प्रदेश कार्यकारिणी का निम्नानुसार गठन किया गया- प्रदेश अध्यक्ष- श्री देवेश घिल्डियाल उपाध्यक्ष प्रथम- श्रीमती मंजू बिष्ट उपाध्यक्ष द्वितीय- श्री अमित पांडे उपाध्यक्ष तृतीय- श्री उम्मेद सिंह नेगी प्रदेश महामंत्री- श्री मेजर सिंह चौहान  संगठन मंत्री प्रथम- श्री रविंद्र दत्त सेमवाल संगठन मंत्री द्वितीय- श्री अमित पवार कोषाध्यक्ष- श्री अनिल कुमार गुप्ता ऑडिटर प्रथम- श्रीमती मोनिका नेगी ऑडिटर द्वितीय- कुमारी अंचला  उक्त निर्वाचन प्रक्रिया को निर्वाचन अधिकारी श्री राधेश्याम पैन्यूली सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक एवं श्री भूपेंद्र सिंह चौहान सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार के द्वारा संपन्न कराया गया।

हरिद्वार न्यायलय को भी बम से उडाने की धमकी,,!हरिद्वार,!

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  हरिद्वार जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिला न्यायालय के प्रशासनिक कार्यालय में फैक्स और ईमेल के जरिए अजीबो गरीब धमकी भरा संदेश मिला है।  जिसमें तमिलनाडु में EWS आरक्षण लागू ना करने की मांग करते हुए जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।  हरिद्वार जिला न्यायालय सिडकुल थाना क्षेत्र के रोशनाबाद में स्थित है। सुनिए एस एस पी हरिद्वार ने क्या कहा हालांकि पुलिस तफ्तीश में जुट गई है।

गाजियाबाद में प्लॉट के फर्जी दस्तावेज दिखाकर धोखाधड़ी का आरोपित प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार,,!

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      कानून मेरी जेब में,, 5 माह से अमल दरामद परवाना जेब मे है,, जिसको जो उखाड़ना हो उखाड़ कर दिखाए,, बिना हमको ख़ुश किये नहीं होगा काम,,,