उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपने प्राण न्योछावर करने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया नमन,!नवोदय नगर वार्ड नम्बर 13हरिद्वार,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,,
( उत्तराखंड क्रांति दल ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों को किया नमन )
आज का दिन हमारे उत्तराखंड के इतिहास का वो काला और भावुक पन्ना है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। 2 सितंबर 1994 को मसूरी गोलीकांड में राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि!
इसी क्रम में आज श्री देव सुमन पार्क, नवोदय नगर में एकत्रित होकर राज्य आंदोलनकारियों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
दीपक नौटियाल ने कहा कि
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान दो सितंबर 1994 को मसूरी के झूलाघर में हुए गोलीकांड को याद कर मसूरीवासी आज भी सिहर उठते हैं। मसूरी की शांत वादियों के इतिहास में दो सितंबर एक ऐसे काले दिन के रूप में दर्ज है, जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
यह वही दिन है जब तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार की पुलिस ने बिना चेतावनी के अकारण ही राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियों की बौछार कर दी थी। इस गोलाबारी में मसूरी के छह आंदोलनकारी बलिदान हुए और इनके साथ में एक पुलिस अधिकारी की भी गोली लगने से मौत हो गई थी।
राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियों की बौछार
एक सितंबर 1994 को खटीमा में पुलिस ने राज्य आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाई थीं, जिसमें कई आंदोलनकारी बलिदान हो गए थे। इसके बाद पुलिस व पीएसी ने एक सितंबर की रात को ही मसूरी के झूलाघर स्थित राज्य आंदोलन की संयुक्त संघर्ष समिति के कार्यालय पर कब्जा कर वहां पर क्रमिक धरने पर बैठे पांच आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके विरोध में शहर के अन्य आंदोलनकारियों ने झूलाघर पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया।
यह देख रात से ही वहां पर तैनात सशस्त्र पुलिस कर्मियों ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। इस गोलीबारी में छह आंदोलनकारी बेलमती चौहान, हंसा धनाई, रायसिंह बंगारी, धनपत सिंह, मदनमोहन ममगाईं और बलबीर सिंह नेगी बलिदान हो गए। इसके साथ ही कई आंदोलनकारी घायल हो गए। गोलीकांड के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों की धरपकड़ शुरू की तो पूरे शहर में अफरातफरी फैल गई।
हमारे शहीदों का यह बलिदान हमें सदैव अपने राज्य की उन्नति, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा। अमर शहीदों का यह त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा!
कार्यक्रम में दीपक नौटियाल सभासद, आनंद नेगी, देवेन्द्र कंडारी, दिनेश बिस्ट, राम दयाल रावत, योगेंद्र सिंह अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ आदि सभी कार्यकर्त्ता एवम पदाधिकारी गण उपस्थिति रहे,,
"शहीद आंदोलनकारी अमर रहें!"
"जय भारत, जय उत्तराखंड!"





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें