पत्रकार एक्ट शीघ्र ही लागू करे सरकार वरना 2027 में कलम खुद ही मांगेगी जबाब,!प्रदेश अध्यक्ष शिवाकांत पाठक, पत्रकार योग कल्याण समिति रजि,,
रिपोर्ट संदीप पाठक अध्यात्म,साहित्य, एवम विचार शीलता खोती पत्रकारिता पर सरकार का यह निर्णय वास्तव में बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर करता है,, जब भारतीय संबिधान का एक पत्रकार सरकार द्वारा लेवर घोषित कर दिया जाये,, और साथ ही उन चाटुकार पत्रकारों के मुँह पर तमाचा भी है जो रात दिन सरकारी तंत्र की हाँ हुजूरी करते थकते नहीं है,,इन्ही बातों को अंतरमंथन कर पत्रकार योग कल्याण समिति के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष शिवाकांत पाठक ने कहा की संगठन के सभी पदाधिकारी अपने अपने जिलों में महामहिम राजयपाल महोदय के लिए डी एम या सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सरकार को पत्रकार एक्ट लागू करने हेतु ज्ञापन प्रस्तुत करें,, 👇 नई श्रम संहिताओं (Labour Codes 2025) के तहत पत्रकारों को अब मुख्यधारा के 'श्रमिकों' (Workers) की श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे वे अन्य कर्मचारियों की तरह ही कानूनों के अधीन आ गए हैं। यह बदलाव 70 साल पुराने कामकाजी पत्रकार कानून की जगह लेता है,