संवेदन शीलता का अनूठा उदाहरण,, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हरिद्वार जनपद के अतर्गत मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु बैठक आयोजित की गई।
संपादक शिवाकांत पाठक, आई ए एस मयूर दीक्षित अपनी अनोखी कार्यशैली के लिए जाने जाते है औचक निरिक्षण हो या फिर विकास कार्यों मे सिथिलता या फिर क़ाम या ड्यूटी मे लापरवाही उन्हें कतई वर्दास्त नहीं,, त्वरित निर्णय लेने की कला मे पारांगत श्री दीक्षित पलक झपकते कहाँ पहुंच जाये इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है,, एक बार ये साईकिल से ऑफिस पहुंच गये इन्हे देख सभी हैरान रह गये,, इस समय महामहिम राष्ट्र पति के आगमन को लेकर व्यवस्था का जायजा लेने मे जिलाधिकारी पूरी तरह से सतर्क है,, जिलाधिकारी ने बैठक में विद्युत विभाग और वन विभाग के समन्वय के साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए जिससे कि विद्युत से हाथियों को कैसे बचाया जा सके। बैठक में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने पीपीटी के माध्यम से अवगत कराया कि जनपद में जहां भी हाथियों का कॉरिडोर है उन्हें करेंट से किस तरह बचाए और विद्युत विभाग द्वारा कई स्थानों पर खुले में ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइन मानकों के विपरीत काफी नीचे है जिस कारण हाथियों की म...