सुरभि एसोसिएट्स की ओर से होली की हार्दिक शुभकामनायें,,!
संपादक शिवाकांत पाठक,, उत्तराखंड एवम हरिद्वार तथा नवोदय नगर वार्ड नम्बर 13 की देव तुल्य जनता को अनेकता मे एकता के प्रतीक होली महापर्व की हार्दिक शुभकामनायें प्रदान करते हुए कामेन्द्र जी ने कहा कि होली मनाने के पीछे एक कथा है जो पौराणिक काल से चली आ रही है, इस कथा में ही होली मनाने का रहस्य छिपा हुआ है। इस त्योहार को लेकर सबसे प्रचलित है प्रहलाद, होलिका और हिरण्यकश्यप की कहानी। पुराणों के अनुसार दानवराज हिरण्यकश्यप ने जब देखा कि उसका पुत्र प्रह्लाद सिवाय विष्णु भगवान के किसी अन्य को नहीं भजता, तो वह क्रुद्ध हो उठा और अंततः उसने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया की वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए, क्योंकि होलिका को वरदान प्राप्त था कि उसे अग्नि नुक़सान नहीं पहुंचा सकती। होलिका जलकर भस्म हो गई और भक्त प्रह्लाद को कुछ भी नहीं हुआ। इसी घटना की याद में इस दिन होलिका दहन करने का विधान है।इसे हिन्दू धर्म में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानते हुए प्रतिवर्ष फाल्गुण पूर्णिमा की रात होलिका दहन की परंपरा है। होली का पर्व संदेश देता है कि इसी प्रकार ईश...