हरिद्वार प्रशासन विदेशी पत्रकारिता पर शीघ्र लगाम कसे,, वरना वास्तविक पत्रकार करेंगे आंदोलन,!
( सोशल मीडिया को एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि विभिन्न चरणों में विकसित विभिन्न प्लेटफार्मों ने जन्म दिया। आधुनिक सोशल मीडिया युग की शुरुआत मुख्य रूप से मार्क जुकरबर्ग द्वारा 4 फरवरी 2004 को फेसबुक (Facebook) की स्थापना से मानी जाती है। हालाँकि, पहला सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म सिक्स डिग्रीज़ ( SixDegrees.com) था, जिसे एंड्रयू वेनरिच ने 1997 में लॉन्च किया था )
हमारे भारतीय कानून के अंतर्गत संपादक या पत्रकार लिखने और कहने का अधिकार सूचना एवम प्रसारण मंत्रालय प्रदान करता है,जो की आवेदक द्वारा शर्तो को पूरा किये जाने के साथ ही एक शपथ पत्र प्रधान संपादक से लेता है जिसमें कि देश की एकता अखंडता कायम रखने के साथ ही दैनिक या साप्ताहिक या मासिक अखबार या मैगजीन के अंकन हेतु प्रमुखता होती है, लेकिन आर एन आई प्राप्त होने के बाद अपना रोब कायम होते ही नियमित अंकन बंद हो जाता है,, साथ ही पोर्टल और एफ बी तथा इंस्टाग्राम पर विडिओ वायरल करने वालों द्वारा खुद को संपादक लिख कर भारतीय संबिधान एवम सूचना प्रसारण मंत्रालय के नियमो की धज्जियाँ उड़ाई जा रहीं है,,जिसे देश के प्रत्येक प्रदेश और जिलों मे अनदेखा किया जा रहा है जो कि नियमानुसार पत्रकारिता के लिए कलंक है,, पत्रकार योग कल्याण समिति की अध्यक्षा श्री मती संगीता ने कहा कि 15 दिनों के अंदर इस फर्जी वाड़े पर सभी जिलों के जिला अधिकारी एवम सूचना अधिकारी रोक लगाएं नहीं तो हमारी संस्था देश व्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगी,, जिसका जिम्मेदार भारत का सिस्टम होगा,,!

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें