कुत्ते भी मुहल्ले के मूल निवासी हैँ उन्हें भगाना या मारना अपराध,!सुप्रीम कोर्ट,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,
पिछले दिनों कई स्थानों पर आवारा कुत्तों की बर्बरता के बाद इससे छुटकारा पाने की मांग तेज होने लगी है। लेकिन पशु प्रेमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि कोई कुत्ता चाहे कितना भी आवारा या कटास (काटने वाला) हो, उसे उसके मोहल्ले या गांव से विस्थापित नहीं किया जा सकता है। वह जहां चाहे रह सकता है या अपनी मर्जी से जा भी सकता है। किसी का जोर-जुल्म नहीं चलेगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत पशु (कुत्ता) जन्म नियंत्रण नियमावली को मंगलवार को अधिसूचित कर दिया है। जानवरों पर अत्याचार रोकने के लिए देश में पहली बार 1960 में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम लाया गया था। केंद्र सरकार ने इसी अधिनियम के तहत पशु (कुत्ता) जन्म नियंत्रण नियमावली-2023 को अधिसूचित किया है।

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