बड़ा सवाल,,उत्तराखंड के सबसे बड़े वार्ड की अनदेखी क्यों पूछती है जनता,,!
( तमाम सवालों के कटघरे में न्याय की उम्मीद से आशू बहाता वार्ड नम्बर 13 )
यह घटना हो या फिर भवियम्सभावी दुर्घटना लेकिन जिम्मेदारो का मौन जनता के तमाम सवालों को जन्म दे रहा है,, बात यह नहीं है कि जिन्हे वोट देकर जिताया जाये वे मौन हैँ बात यह है कि हर साल लाखों रूपये कि राजस्व बढ़ोत्तरी में सहायक नवोदय नगर कि दुर्दशा पर जिला प्रसाशन क्यों धृतराष्ट्र की भूमिका निभाने के लिए असहाय और मजबूर लग रहा है,, या फिर किसी भीषण घटना का इंतजार किया जा रहा है,, लेकिन क्यों,, आज शाम 5 बजकर 50 मिनट पर ठीक इसी जगह एक टेम्पू पलटते पलटते बचा,, एक महिला जख़्मी हो जाती,, लेकिन उससे किसी को क्या फर्क पड़ने वाला है,, सोचियेगा महाभारत काल में धृतराष्ट्र जन्म से अंधे थे,, क्यों कि कर्मो के आधार पर ही मानव शरीर का जन्म होता है,, लेकिन उनकी पत्नी गांधारी तो अंधी नहीं थीं फिर उन्होंने आँखो में पट्टी क्यों बांध रखी थी,,, यदि पति अंधा था तो पत्नी का धर्म था कि उसका सहारा बन जाती,, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, क्योकि जस क्षण रघुपति जस करैं तस क्षण तस मति होय,, ईश्वर जैसा चाहता है वैसा ही होता है,, महाभारत होना था अभिमान का अंत होना था हुआ,, यही प्रकृति का सिद्धांत है,, सब कुछ विधि के विधान से हो रहा है और हम अल्प बुद्धि के लोग सोचते है कि,, सरकार कर रही है,, ऐसा नहीं है संसार का मालिक जो चाहता है वही होता है,, 🌹🙏🙏

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