क्या वास्तव मे रावण को जला कर अन्याय पर न्याय की जीत हर साल होती है,,!
इंडिया न्यूज़ 24
( जिम्मेदारो का मौन अक्सर राष्ट्र के विनाश का कारण बनता है, जैसे धृतराष्ट्र, गांधारी,, भीस्म पितामह और हमारे खनन अधिकारी हरिद्वार साथ ही जिला प्रशासन )
रावण जिसे हम हर साल मारते है या मारने का नाटक करते हैँ लेकिन क्या हम कलियुगी रावण को मारने मे सक्षम हुए नहीं क्योकि हमारे अंतर्मन मे बैठा रावण जो अत्याचार हमारी संस्कृत, हमारे समाज, हमारी प्राकृतिक सम्पदाओ पर कर रहा है उसे हम चाह कर भी नहीं मार सकते,, वो रात्रि मे नवोदय नगर की सूखी नदी मे अवैध खनन हो या फिर न्याय व्यवस्था,, विकास के नाम पर लाखों का कमीशन हो या फिर अवैध शराब बिक्री, हर तरफ जीवन मे हम भ्रष्टाचार को देखकर भी एक डर के कारण मौन हैँ,, और डर के आगे ही जीत है,, हर गलत क़ाम मे आपका मौन भी उनका सहयोग है,, यदि जिम्मेदार मौन हों तो आप आवाज उठाएं वरना आप भ्रष्टाचार के सहयोगी के रुप मे देखें जायेंगे,,

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