स संपादक शिवाकांत पाठक,, दिनांक 13/12/25 को सिडकुल पुलिस द्वारा रात्रि चेकिंग /शांति व्यवस्था ड्यूटी के दौरान रावली महदूद जाने वाला रास्ते के पास से अभियुक्त राहुल सिंह को सट्टे की खाई बाड़ी करते हुए किया गया गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थाना स्थानीय पर मुकदमा अपराध संख्या 622/25 धारा 13 जुआ अधिनियम बनाम राहुल सिंह पंजीकृत किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त गण 1. राहुल सिंह पुत्र संजय सिंह निवासी जो मोहल्ला चाव मंडी गंगनहर जनपद हरिद्वार हाल पता मदन गिरी का मकान महादेवपुरम सिडकुल थाना सिडकुल जनपद हरिद्वार। *बरामदगी का विवरण* 1. बरामदगी रुपए 1180/ व सट्टा बुक पैन पुलिस टीम में ,, हेड कांस्टेबल 101 सुनील सैनी थाना सिडकुल जनपद हरिद्वार। ,, कांस्टेबल 09 रोहित कुमार थाना सिडकुल जनपद हरिद्वार शामिल रहे,!
स सम्पादक शिवाकांत पाठक,, थाना सिडकुल पर दिनांक- 10.06.2026 को वादी सचिन पुत्र सुबीर निवासी तलाई तल्ली जिला पौड़ी गढ़वाल हाल पता ओम शांति धाम कॉलोनी हेतमपुर थाना सिडकुल जनपद हरिद्वार की तहरीर के आधार पर प्रतिवादी विशाल आदि 9/10 लोगो द्वारा एक राय होकर लाठी,डन्डो, तलवार से लैस होकर वादी के भाई जीजा व दोस्त के साथ जान से मारने की नीयत से हमला करने के संबंध में थाना सिड़कुल पर मुकदमा अपराध संख्या 231/26 धारा 115(2)/ 190/ 191(2)/ 191(3)/ 351(3)/ 109 बीएनएस पंजीकृत कराया गया। उक्त घटना की गंभीरता को देखते हुए देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा घटना के अनावरण हेतु टीमों का गठन कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उपरोक्त आदेश के क्रम में आरोपियों को चिन्हित करते हुए पुलिस टीम ने दिनांक 23.06.2026 को एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अन्य फरार की तलाश जारी है। पुलिस टीम-में 1. व0उ0नि0 प्रवीण बिष्ट 2. उ0नि0 देवेंद्र सिंह चौहान 3. हे0का0 संजय सिंह 4. हे0का0 जितेन्द्र मलिक शामिल रहे,!
*लेखक: स संपादक शिवाकांत पाठक पत्रकार* सावन का महीना आते ही पूरा उत्तर भारत खास कर उत्तराखंड "बोल बम" "बोल बम "के जयकारों से गूंज उठता है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल चलने वाले शिवभक्तों की कावड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि सेवा, अनुशासन और समर्पण का महापर्व भी है। इस महापर्व को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं वो SPO जवान, जो धूप, भीड़ और ट्रैफिक के बीच दिन-रात खड़े होकर ड्यूटी निभाते हैं। कल मैं नवोदय नगर के एक मार्ग से गुजर रहा था। सड़क के किनारे खम्भे के नीचे 5-6 SPO जवान अपनी नीली टी-शर्ट, नीली कैप और गले में ID कार्ड लगाकर तैनात थे। चेहरों पर थकान थी, लेकिन आंखों में जिम्मेदारी का भाव साफ दिख रहा था। किसी के हाथ में डंडा, किसी के गले में सीटी। ट्रैफिक को नियंत्रित करना, कावड़ियों को रास्ता देना, खोए हुए लोगों को उनके साथियों से मिलाना - यही इनकी रोज की दिनचर्या बन गई है। SPO भाईयो से बात हुई। नाम पूछने पर SPO दीपक नौटियाल, मनवर रावत, राम निवास, अमर बौखंडी, मुकेश रावत समाजसेवी दिनेश पाण्डेय बोले "साहब नाम क्या बताएं, ...
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