तुम्हारा मौन बन गया लूट का कारण,,NCERT मामले में हाईकोर्ट ने सुनाया था फैसला,, फिर भी खुले आम लूट क्यों,,???

 


स संपादक शिवाकांत पाठक,,


 




रिपोर्ट संदीप पाठक प्रदेश ब्यूरो चीफ,,,


हाईकोर्ट ने शुक्रवार वर्ष 2018,, को निजी स्कूलों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों को लागू करने के फैसले को सही माना। अंतरिम आदेश पारित करते हुए न्यायालय ने किताबों को लागू करने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे सख्त कदमों पर रोक लगाई और स्कूल संचालकों, प्रकाशकों से कहा कि वे अपनी उन्हीं किताबों को लागू कर पाएंगे जिनका मूल्य परिषद की किताबों के मूल्य के बराबर हो।




स्कूल संचालकों और प्रकाशकों को इन किताबों को लागू करने से पहले रेट लिस्ट और किताबों की सूची प्रदेश सरकार को देनी होगी। यह हाई कोर्ट ने कहा था,,23 अगस्त 2017 को प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी विद्यालयों (आइसीएसई को छोड़कर) में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद की किताबों को लागू करने का आदेश जारी किया था। इसके पहले इसी संबंध में 15 फरवरी, छह मार्च और नौ मार्च 2017 को भी आदेश जारी किए गए। इन आदेशों में किताबों को लागू न करने पर सख्त कार्रवाई का जिक्र किया गया था।लेकिन अंधे पीसे कुत्ते खायं वाली कहावत चरितार्थ हो रही है प्राइवेट स्कूलों में  अभिभावकों के साथ होने वाली बेखौफ़ लूट आज भी थमने का नाम नहीं ले रही,, अब रही बात जानकारी की तो जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी यह नहीं सकता कि यह बात मेरे संज्ञान में नहीं है क्यों कि उनके बच्चे भी इन्ही लूट केन्द्रो में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैँ,, लेकिन उनको कोई भी शिकवा शिकायत इसलिए नहीं है क्यों कि उनके आमदनी के श्रोत किसी से छिपे नहीं हैँ,, पूरे प्रदेश में ही नहीं वल्कि  सम्पूर्ण देश में शिक्षा को लेकर शिक्षा माफियायों द्वारा जो तांडव किया जा रहा इसके परिणाम हमारे सामने आ रहे हैँ,,, शिक्षा माफियायों ने अपने व्यापार में लम्बा मुनाफा कमाने के लिए बच्चों की उम्र के हिसाब से क्लास की विभिन्न रचनाएँ कर डाली है,, एल के जी में भी कई प्रजातियों का अविष्कार कर डाला,, नन्हे से बच्चे की फीस भी 2100 रूपये 2000 रूपये करने वालों पर जिला प्रशासन या धामी सरकार का ध्यान क्यों आकृष्ट नहीं होता या बेहद सोचनीय है,, तमाम नियम कानून केवल हाथी के दाँत साबित होते हैँ,, महंगी फीस और किताबों के बाद यूनिफार्म में भी कमीसन खोरी खून में समा चुकी है,, इसके वावजूद परिणाम में बच्चों के अंदर वे संस्कार नहीं दिखते जो आप चाहते हैं,, फिर देश का भविष्य क्या होगा,, आज तुम सभी मौन हो और हर साल फीस और  बदले हुए महंगे सलेवर्स सुरसा की तरह मुँह फैलाये खड़े हैँ,, कौन हैँ इस अव्यवथा का जिम्मेदार,,? कब जागेगा समाज,,?????


अपने विचार हमको भेजिए,, व्हाट्सप्प नंबर,, 9897145867

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कैसे बचेगी बेटियां,? नवोदय नगर में दिन दहाड़े प्रेमी ने गला रेत कर कर दी हत्या,! हरिद्वार,!

फुटबॉल ग्राउंड फेज 1 जगजीतपुर कनखल थाना क्षेत्र में घर में घुसकर बदमाशों द्वारा की गई मारपीट,,,!हरिद्वार,!

शाबास सिडकुल पुलिस,,नवोदय नगर की घटना पर एक्टिव पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा कातिल,!