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स्वतंत्रता दिवस से पहले जीआरपी की सघन चेकिंग, अवैध गतिविधियों पर कसी लगाम,!

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  स सम्पादक शिवाकांत पाठक रिपोर्ट शाहिद अहमद हरिद्वार, काठगोदाम, आगामी 15 अगस्त के मद्देनज़र रेलवे सुरक्षा बल (जीआरपी) उत्तराखण्ड ने रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। एसपी जीआरपी तृप्ति भट्ट के नेतृत्व में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत जीआरपी थाना काठगोदाम क्षेत्र में रेलवे स्टेशन किच्छा पर अवैध नशा/मादक पदार्थों के खिलाफ सघन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने टिकट घर, प्लेटफॉर्म और रेलवे स्टेशन परिसर के विभिन्न हिस्सों में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली। इस दौरान यात्रियों को सतर्क रहने और चोरों, उचक्कों, उठाई गिरोह, झपटमारों और जहरखुरानों से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की हिदायत दी गई। पुलिस ने कोटपा अधिनियम के तहत 4 व्यक्तियों के खिलाफ चालान किया, जबकि एमवी एक्ट के तहत 2 चालान कर कुल ₹1200 का संयोजन शुल्क वसूला गया। पुलिस टीम में: उपनिरीक्षक नीरज जोशी अवर निरीक्षक धनपाल शर्मा हेड कांस्टेबल कैलाश रावत होमगार्ड जीवन जीआरपी का कहना है कि यह चेकिंग अभियान स्वतंत्रता दिवस तक लगातार जारी रहेगा, ताकि रेल यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिल सके और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लग...

समस्या रुपी महाभारत में अर्जुन की भूमिका निभाते देखे जा रहें है सभासद,,!नवोदय नगर हरिद्वार,

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, एक वार्ता के दौरान सभासद दीपक नौटियाल वार्ड नंबर 13 नवोदय नगर ने हमारे संवाददाता को बताया कि ग्रुप के माध्यम से मुझे बताया गया था कि पुलिस लेंस के आगे जो गेट है उसके आगे की पुलिया टूट गई है और बच्चों को स्कूल जाने में बहुत दिक्कत हो रही है जिसका संज्ञान लेकर मैंने अधिशासी अधिकारी से बात कर उसको तत्काल प्रभाव से ठीक करवा दिया है नवोदय चौक पर जो बारिश के पानी के साथ कचरा आ गया था उसको भी उठवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं अपनी महिला प्रतिनिधि नीलम रावत, प्रदीप चंदेल, EO, JE और उन सभी का धन्यवाद करता हुँ जिन्होंने जागरूक होकर समस्या को ठीक करवाने में सहयोग किया,,लोगों का कहना है कि श्री नौटियाल जी समस्यायों के महाभारत में अर्जुन की भूमिका निभाते देखे जा रहें है,, बस देर होती है उनतक समस्या पहुंचने की फिर समस्या कितनी भी विकराल क्यों न हो उसका अंत निश्चित होता है, इतना ही नहीं वल्कि सभसद जी इस समय दिल्ली अपने परिजनों के पास रहकर भी अपना पूरा ध्यान अपने वार्ड पर केंद्रित रख कर पल की खबर रख रहें है,, जो की जनता के लिये एक आश्चर्य साबित हो रहा है,,

कोई होटल से कूदा, कोई मंदिर में होने की वजह से बचा... धराली आपदा से ज़िंदा बचे लोगों ने सुनाई आपबीती

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  उत्तराखंड के धराली में आपदा आने के बाद, पूरा इलाका अचानक कीचड़ और पानी के विनाशकारी बहाव में डूब गया, जिसने कुछ ही सेकंड में गांव के बड़े हिस्से को नेस्तनाबूद कर दिया. धराली से एयरलिफ्ट करके हेलीपैड पहुंचे कुछ लोगों ने धराली में हुए हादसे के मंजर का आंखों देखा हाल बयान किया. रामपुर निवासी महेंद्र सैनी ने बताया कि वो धराली में ही रुके थे, तभी अचानक ऊपर से कीचड़ और मलबा आने लगा। गाड़ी के टायर धंसने लगे। महेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपने साथी से कहा वीडियो बनाओ, लेकिन वह घबराकर बोला ये खतरनाक है, जल्दी निकलो। इसी बीच आवाजें आने लगीं और आर्मी के जवान दौड़ते हुए आए। उन्होंने बताया कि एक गांव पूरा बह गया है। यह सुनकर हम सन्न रह गए। ये सुनकर ऐसा लगा कि अगर हम वहां होते तो शायद आज जिंदा न होते। गंगोत्री में फंसे, नेटवर्क ठप महेंद्र आगे बताते है कि गंगोत्री पहुंचते ही धाम को अलर्ट कर दिया गया, पार्किंग बंद कर दी गई थी। राहत गाड़ियां आने लगीं, जो मलबे में फंसे लोगों को ला रही थीं। नेटवर्क पूरी तरह ठप था। घरवालों को तीन दिन तक हमारी कोई खबर नहीं मिली। तीसरे दिन सरकारी फोन से सिर्फ 30 सेकेंड...

निदेशक श्री अजय ढौंडियाल ,की ओर से रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनायें,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, निदेशक श्री अजय ढौंडियाल, एवम प्रिंसिपल श्रीमती रंजना ढोंडियाल जी द्वारा HOD मैडम श्रीमती अंजलि मलिक , समस्त स्टाफ  पुष्पा नेगी, सरिता बिष्ट, सोनम, साक्षी, श्वेता, पद्मिनी,खुशी, दिव्या जी ने सभी अभिभावकों, एवम नवोदय नगर की जनता को रक्षा बंधन पर्व की शुभकामनायें प्रदान की है,, साथ ही अजय ढौंडियाल ,ने कहा कि,,   भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डोर में बांधता है। इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बन्धन बांधती है, जिसे राखी कहते हैं। यह एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं।  रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, रक्षा क...

बचेगा क़ोई नहीं,,,शिवालिक नगर में एस डी एम हरिद्वार ने चलाया अतिक्रमण मुक्त अभियान,,!शिवालिक नगर हरिद्वार,,!

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   ( कोतवाल कमल मोहन भंडारी ने दिखाई तत्परता ) स संपादक शिवाकांत पाठक,, हरिद्वार 08 अगस्त 2025- उप जिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार के नेतृत्व में शिवालिक नगर में अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान दुकानदारों द्वारा दुकाने आगे बढ़ाकर रोड पर किये गये अतिक्रमण को हटाया गया, घरों के आगे रोड पर अतिक्रमण करते हुए बनाये गये स्ट्रक्चरों को भी जेसीबी के माध्यम से हटाया गया तथा 13 रेड़ियां, ठेली एवं अन्य सामान जब्त किया गया। इस दौरान पुलिस तथा नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी आदि उपस्थित थे।कुछ लोग नवोदय नगर मेन रोड की बात तो तमाम लोग 90 फुट रोड की बात कर रहे है लेकिन सरकार और ईश्वर की निगाहेँ सब पर हैँ,, बस थोड़ा इंतजार जरूरी है,, नगर पालिका अध्यक्ष आपने यदि दुबारा चुना है तो विकास से लेकर सभी समस्यायों को उनपर छोड़ दीजिए,, 🙏

सभासद के प्रयास से सफाई कर्मियों द्वारा काटी गईं झाड़ियां अभी और भी हैँ समस्याएं,, पढ़िए,,!नवोदय नगर हरिद्वार,!

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, वार्ड नंबर तेरह जिसे शिवालिक नगर पालिका का हृदय माना जाता है उत्तराखंड खंड के सबसे बड़े वार्ड नंबर 13 की जनता अपने वोटो की ताकत से विधायक एवम सांसद तक की तक़दीर बदलने में सक्षम है,, इतने बड़े वार्ड की देख रेख एवम समस्यायों के निराकरण हेतु सबके चाहेते दीपक नौटियाल जिन्हे यहाँ की जनता ने सभासद के रूप में चुना उनके द्वारा नवोदय नगर की सुरक्षा, स्वास्थ्य, को लेकर झाड़ियों को काटने का कार्य नगर पालिका सफाई कर्मियों द्वारा कराया गया जो की तमाम तरह की परेशानियों का कारण बना हुआ था,, मच्छर, एवम जंगली जानवरों को लेकर खतरे का संकेत देती झाड़ियों की कटान बेहद जरूरी था,, लोंगो ने ने सभासद द्वारा कराये गये कार्य की सराहना की है,,! लेकिन अभी हाल ही में ज्वलंत समस्यायों पर भी गौर करना आवश्यक है,,, 👇👇👇👇👇

राखी का नाम सुनते ही भाई-बहन के प्यार की वो डोर याद आती है,,

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  स संपादक शिवाकांत पाठक,, यह प्रेम की कड़ी जो ना सिर्फ भावनाओं से जुड़ी होती है, बल्कि इतिहास, परंपरा और विज्ञान तक इसकी जड़ें फैली हुई हैं। राखी सिर्फ एक रंगीन धागा नहीं है ।यह समर्पण, सुरक्षा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। सोचो हमारा रहन सहन, बोल चाल, खानपान, संसाधन सब कुछ तो बदल गया,, मोबाइल फोन के चलते फोटो ग्राफरों, घड़ियों, कलेन्डरों आदि का चलन बंद हो लेकिन वाह एक बहन का प्यार जिसने आज भी लिफाफे में कैद राखियों को डांक पोस्ट के जरिये भेजनें की प्राचीन परम्परा को जीवंत बनाये रखा,, पत्रों ने मोबाइल फोन का रूप भले ही ले लिया हो लेकिन राखियों के लिये आज भी लाखों भाइयों को लिफाफे का इंतजार रहता है,, इसीलिए कहते है की सच्चे प्रेम की परिभाषा को जानना इतना सहज नहीं होता,, हर साल श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला यह पर्व सिर्फ एक परंपरा भर नहीं, बल्कि अनगिनत कहानियों का संवाहक है, जिनमें छुपे हैं कुछ ऐसे रहस्य और किस्से, जो आज भी बहुत से लोगों को नहीं मालूम।चलिए जानते हैं रक्षाबंधन से जुड़ी कुछ अनसुनी, लेकिन बेहद दिलचस्प बातें, जो इस त्योहार को और भी खास बना देती हैं। महाभारत म...