मल्ला गांव में भालू घरों की छतों और आंगन में घुस रहे हैं वन विभाग मौन,!उत्तरकाशी :!
स संपादक शिवाकांत पाठक,,
( वन विभाग का मौन तमाम सवालों को दे रहा है जन्म,, हर तरफ खौफ का मंडराता साया,,)
जनपद में भालुओं की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। टकनौर क्षेत्र के मल्ला गांव सहित कई गांवों में भालू घरों की छतों और आंगन में घुस रहे हैं….जिससे लोग अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। भटवाड़ी ब्लॉक के मल्ला गांव में हाल ही में एक भालू और उसके दो बच्चे घर में घुस गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। भालू और उसके बच्चे घर में भोजन ढूंढते और लड़ते दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की ओर से भालुओं के आतंक को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पूर्व में भालुओं के भय से जंगल में दो महिलाओं की मौत भी हुई थी। इसके अलावा, भालू ग्रामीणों की छानियां और मकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीण गंगा सिंह रावत धाम सिंह और अन्य ने बताया कि भालू पिछले कई दिनों से गांव के आसपास मंडरा रहा था और अब उसकी हरकतें सीधे आबादी तक पहुँच गई हैं। उन्होंने प्रभागीय वन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भालुओं से निजात दिलाने की मांग की।
प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी ने कहा कि पहाड़ों में भालुओं का जीवन चक्र बदल गया है। कम बर्फबारी और समय पर ठंड न होने के कारण भालुओं की नींद प्रभावित हुई है….साथ ही उनके आवास स्थल और भोजन की उपलब्धता सीमित हो गई है। यह जलवायु परिवर्तन का सीधा असर है।

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