नवोदय नगर में साई मंदिर में बैठे बैठे मतदाताओं के सूची से नाम गायब करने का श्रेय किसे दिया जाये,,?

 


स संपादक शिवाकांत पाठक,,


जिलाधिकारी हरिद्वार के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना कर घर घर जाकर फॉर्म न देते हुए बिना सर्वे के मतदाताओं का नाम सोची समझी साजिस का भी हिस्सा हो सकता है,, ऐसा क्यों किया गया इसके पीछे का रहस्य क्या है यह अभी भविष्य के गर्भ में है,, कई वर्षो पूर्व मेरे द्वारा वोटर आई डी हेतु समस्त दस्तावेज बी एल ओ को उपलब्ध कराये जाने के बाद निराशा हाँथ लगी थी इसके बाद थक हार कर मौजूदा जिलाधिकारी श्री विनय शंकर पाण्डेय जी से शिकायत करने के उपरांत मेरा एवम मेरी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट में आया एवम वोटर आई डी प्राप्त होने के बाद मैंने विधानसभा मतदान में अपनी हिस्सेदारी निभाते हुए मतदान भी किया,, परन्तु एस आई आर की जानकारी हेतु कुछ माह पूर्व लेखपाल उमासुतम द्वारा बताया गया की फॉर्म ख़त्म हो गये है और अभी हाल ही में जब जानकारी हुई की साई मंदिर में एस आई आर हो रही है तो जाने पर पता चला कि वोटर सूची से नाम गायब,, चुनाव कार्यालय से फोन करने पर बताया गया की फॉर्म 6 भरो,, अब गलती किसकी है,, यह बात शायद जिम्मेदार बताएँगे,,!यदि मैं पात्र नहीं था तो सूची में नाम कैसे आया,, वोटर आई कैसे बनी भारत में रहने वाले भारतीय नागरिकों को उनके अधिकार से वंचित करने का अधिकार किसने दिया,, वोट डालना हमारा अधिकार,, सन 2003 ही नहीं 1998,, 1993  की भी मतदाता सूची में नाम दिखाऊंगा,, जरुरत पड़ी तो माननीय न्यायलय की भी शरण लूँगा,,जय हिन्द जय भारत जय सनातन 🙏🙏🙏🙏🙏

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