कुदरत का करिश्मा,ग्वालियर में अजीबो-गरीब मामला, एक ही परिवार के पांच घरों में बार-बार लग रही आग, जांच जारी,,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,!
किलोमीटर दूर आंतरी गांव में आग का एक रहस्यमयी मामला सामने आया है, जिसने पूरे गांव में दहशत फैला दी है. यहां एक ही परिवार के पांच भाइयों के घरों में पिछले कई दिनों से बिना किसी स्पष्ट कारण के आग लग रही है. कपड़े, बिस्तर और खाने का सामान अचानक जलने लगता है. डर के चलते पूरा परिवार अब घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर है. ग्रामीणों ने अंधविश्वास के चलते तांत्रिकों को भी बुलाया, लेकिन वे भी आग का कारण नहीं बता पाए. सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के लिए पानी से भरा टैंकर तैनात किया गया है. फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट पर रखा गया है. प्रशासन अब इस मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रहा है.
दरअसल, यह घटना ग्वालियर जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित आंतरी गांव की है. यहां रहने वाले पांच भाई कल्याण सिंह बघेल, सेवाराम बघेल, कामता प्रसाद बघेल, महेंद्र बघेल और लक्षीराम बघेल के घरों में पिछले कई दिनों से रहस्यमयी तरीके से आग लग रही है. सबसे पहले कल्याण सिंह के घर में कपड़े और बिस्तर में अचानक आग लगी. इसके बाद दूसरे भाई सेवाराम के घर में रखा खाने का सामान जल गया. धीरे-धीरे सभी भाइयों के घर इस घटना की चपेट में आ गए.
अचानक जल जाता है सामान
परिवार का कहना है कि घरों में न तो कोई शॉर्ट सर्किट है और न ही चूल्हा जल रहा है, फिर भी सामान में अचानक आग लग जाती है. आग इतनी तेजी से लगती है कि उसे बुझाने का मौका भी नहीं मिल पाता. डर के कारण परिवार के लोग रातभर जाग रहे हैं और घर के अंदर सोना सुरक्षित नहीं समझ रहे हैं, इसलिए वे बाहर खुले में सो रहे हैं.
हैरान करने वाला है ये मामला
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यदि कोई सामान पड़ोसी के घर में रख दिया जाए, तो वहां भी वही सामान जल जाता है. इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है. अंधविश्वास के चलते कुछ ग्रामीण इसे भूत-प्रेत या जादू-टोने का असर मान रहे हैं. इसी कारण गांव में तांत्रिकों को भी बुलाया गया, जिन्होंने पूजा-पाठ और टोटके किए, लेकिन आग लगने का कारण फिर भी सामने नहीं आ सका.
मौके पर अधिकारी भी मौजूद
सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. एहतियात के तौर पर गांव में पानी से भरा टैंकर तैनात किया गया है और फायर ब्रिगेड की टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में आग पर तुरंत काबू पाया जा सके. ग्रामीणों ने भी अपने घरों में पानी भरकर रख लिया है. वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग और फॉरेंसिक टीम से जांच कराई जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट, किसी रासायनिक प्रतिक्रिया या अन्य तकनीकी कारणों से आग लगने की संभावना हो सकती है. फॉरेंसिक टीम मौके से सैंपल एकत्र करेगी और बिजली के तारों की भी जांच की जाएगी. फिलहाल प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. गांव में पुलिस भी तैनात कर दी गई है, लेकिन जब तक आग का असली कारण सामने नहीं आता, ग्रामीणों का डर कम नहीं हो रहा है.

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