पैसे मांगने का आरोप पत्रकारिता पर ही क्यों,,क्या बाकी सभी हरिश्चन्द्र हैँ,,,?,स संपादक शिवाकांत पाठक,!
एक गैस एजेंसी में रिफिलिंग को लेकर समाचार हेतु गये पत्रकारों के विरुद्ध पैसों की मांग का आरोप लगाते हुए शिकायत का मामला सामने आया है,,पत्रकारों के विरुद्ध आनन फानन में मुकदमा भी दर्ज होना सिस्टम की कार्य शैली में चारचाँद साबित हो रही है,, क्यों कि मामला गैस रिफ़्ललिंग का है जो कि लम्बे समय से होना बताया जा रहा है,, वहीं पुष्पक गैस एजेंसी का डिस्टी बूटर विडिओ में कह रहा है कि कल भी पैसे ले गया,, मतलब साफ है कि मामला अब संदिग्ध है और बिकाऊ प्रणाली सवालों के घेरे में,, ऐसे में पैसे बाँटने वाला जो खुद कह रहा है कि पैसे कल ले गया आखिर क्यों, किस बात के पैसे देने की बात कर रहा है,,? क्या इसलिए पैसे देने की बात कर रहा है कि वह पूर्ण रूप से ईमानदार है,, या फिर,,,,?????
वैसे तो केशव थलवाल की विडिओस आज सिर्फ भारत में नहीं अपितु विश्व के कई देशो में चर्चा का विषय बन चुकी है जिसपर विश्व मानवाधिकार संगठन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने लेटर हेड पर लिख कर सी बी आई जांच की मांग एवम मुलाक़ात कर गंभीर चर्चा के लिए लिखा है,, ज्ञात हो की पूर्व में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पत्रकारो के विरुद्ध उत्पीड़न और फर्जी मुकदमो को लेकर एक आदेश भारत सरकार हेतु दिया था जिसमें पत्रकारों के विरुद्ध बिना जाँच मुकदमे दर्ज ना करने हेतु कहा गया था,, हालांकि उसके बाद पीड़ित पत्रकारों द्वारा न्यायलय में इस बात का हवाला नहीं दिया गया,, लेकिन मौजूदा हालात बेहद डरावने हैँ, यदि आप कहें कि क़ोई भी लीगल या अनलीगल कार्य बिना पैसे के होना असम्भव है,, तो आप क्या कहेंगे,, ये गलत है या सही,,?????
हालांकि खुद को धुरंधर पत्रकार मानने वालों ने अवसर का लाभ उठाते हुए पत्रकार देवम मेहता,अर्चना ढींगरा,विश्वास सैनी को तथाकथित लिखने जैसी भूल भी कर दी जिससे पत्रकारो में रोष व्याप्त है, इस आशय से सम्बंधित एक ज्ञापन श्रमजीवी पत्रकार संगठन ने जिलाधिकारी हरिद्वार को देते हुए न्याय की गुहार लगाई,,
जब कि तथाकथित" का अर्थ है "कहा जाने वाला" अर्थात जिस नाम या संज्ञा से किसी को पुकारा जा रहा है, वह वास्तव में वैसा नहीं है, या उस पर संदेह है। यह शब्द किसी दावे को चुनौती देने या किसी बात पर अविश्वास जताने के लिए उपयोग किया जाता है।




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें