कपालभांति प्राणायाम,,,
स संपादक शिवाकांत पाठक,,
विधि = नांसिका मार्ग से श्वांस को बेग से (झटके) से छोड़ना तत्क्षण उदर को अंदर लेना है दोनों क्रियाएं एक साथ करना है स्वास् को लेना नहीं मात्र छोड़ना है ।
उपरोक्त वीडियो देखें,,,
लाभ = गैस,कब्ज,बवासीर, सोरायसिस, झांई, सफेद दाग, कैंसर अंडरवेट ओवरवेट मधुमेह, स्किन पर दाग धब्बे, झुर्रियां नपुंसकता, बांझपन, अंडर एज में ओवर एज का दिखना ,इत्यादि
इस प्राणायाम के नाम से ही आप जान सकते हैं कपालभांति कपाल मिस मस्तक भातिं मिस प्रकाश चेहरे पर एक अद्भुत तेज ओज प्रकाश झलकने लगता है
या यूं कह सकते हैं यह प्राणायाम 99 फ़ीसदी इंटरनल समस्याओं का निदान है
इसे सुखासन, पद्मासन, वज्रासन,चेयर ( कुर्सी ) पर बैठकर, या खड़े होकर भी कर सकते हैं बस शर्त इतनी सी ही है भोजन मे चार घंटे अंतराल होना आवश्यक है
उचित होगा प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में नित्य क्रिया के पश्चात (फ्रेश होने के बाद) खुले प्राकृतिक वातावरण में ही करें बंद कमरे में करना हो तो गूगल वगैरा जलाकर के वातावरण को शुद्ध कर लें स्वस्थ व्यक्ति के लिए 10 से 15 मिनट गैस कब्ज वालों के लिए आधे घंटे सोरायसिस झांई वाले 1 घंटे सफेद दाग और कैंसर वालों के लिए 3 घंटे का अभ्यास अति आवश्यक है ।
सावधानी=उदर की शल्य चिकित्सा सर्जरी हुई हो तो चिकित्सक के परामर्श अनुसार महिलाएं रितु धर्म (पीरियड्स) में इस प्राणायाम को ना करें उच्च रक्तचाप वाले तथा अल्सर वाले पेशेंट स्टोक स्लो गति से ही दें।


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