भू माफियाओं व पटवारी की मिली भगत से करोड़ों का घोटाला !!
रिपोर्ट शाहिद अहमद क्राइम रिपोर्टर!
आखिर क्यों मौन हैं जिम्मेदार राजस्व विभाग के अधिकारी ?
पटवारी की मदद से भू माफियाओं ने किया प्रॉपर्टी डीलर की करोड़ो की जमीन पर कब्जा
प्रॉपर्टी डीलर की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से प्रॉपर्टी डीलर की जान को खतरा आखिर प्रशासन किस बात का कर रहा है इंतजार ! हरिद्वार में भू माफियाओं का अतांक कायम !
जमीन जायदाद में पूरी तरह फर्जी तरीके से हेर फेर वाली बात अब हो गई है आम बात !
भूमाफियाओं से अपनी जान का खतरा बताते हुए एक प्रॉपर्टी डीलर ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। प्रॉपर्टी डीलर ने क्षेत्र के पटवारी पर भी भू-माफियाओं से मिलीभगत कर उसकी करोड़ों जमीन पर जबरन कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इसके पूर्व प्रॉपर्टी डीलर ने शासन प्रशासन के आला अधिकारियों से अपनी शिकायत दर्ज कराई लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं होने से परेशान प्रॉपर्टी डीलर की जान को खतरा बना हुआ है।
बताते चलें कि प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप चौधरी ने जनपद के पूरनपुर साल्हापुर गांव में ग्रामीणों से 100 बीघा जमीन खरीदी। जिसकी कीमत लगभग ₹ 3करोड़ बताई जा रही है। कीमत चुकाने के बावजूद प्रॉपर्टी डीलर को जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। क्योंकि पटवारी ने भू माफियाओं से मिलीभगत कर लगभग 45 बीघा जमीन पर क्षेत्र के बाहुबली भू माफियाओं माफियाओं का जबरन कब्जा करवा दिया। भू माफियाओं के दबाव में ग्रामीण भी प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ हो गए। प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप चौधरी के अनुसार पटवारी वीरेंद्र ने बीजेपी नेता सुशील चौहान और बाहुबली अर्जुन चौहान ने जमीन अपने लोगों के नाम लिखवा ली है और उसको रास्ते से हट जाने की धमकियां दी जा रही है नहीं हटने पर अंजाम भुगतने की भी धमकियां दी जा रही है। मामले में प्रॉपर्टी डीलर को करोड़ों रुपए की चपत लगी है। परेशान होकर प्रदीप चौधरी ने उसने शासन प्रशासन के आला अधिकारियों के सामने मदद की गुहार लगाई। लेकिन वह माफियाओं के प्रभाव के चलते शासन प्रशासन कोई मदद करने के लिए तैयार नहीं है। आखिर क्यों ? यह रहस्यमई सवाल आज भी अनसुलझी पहेली बन कर शासन प्रशासन के लिए चेतावनी साबित हो रहा है आखिर कब तक इसी तरह राजनैतिक दवाब में आकर अपना वजूद बेचते रहेंगे जिम्मेदार अधिकारी ? इसका जवाब भविष्य के गर्भ में है जो कि मिलेगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें