ईश्वर सत्य है उसे आप को स्वीकार करना होगा!*

 


समस्त मानव जाति के लिए समर्पित लेख !

*स संपादक शिवाकांत पाठक*



*एक हांथी का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया और पानी में ले जाने लगा पानी में पानी के जीवों की ताकत सौ गुना होती है हंठी ने अंतिम सहारा भगवान को समझा और एक कमल का पुष्प अपनी सूड में लेकर ईश्वर को याद किया हांथी अंग्रेजी, हिंदी , संस्कृति नही जनता था उसे धर्म की भी जानकारी नहीं थी बस एक विस्वास था कि इस दुनियां को बनाने वाला मेरी रक्षा करेगा और भगवान ने आकर उसकी रक्षा की* !


*सोचिए अपने हवा को देखा नहीं है लेकिन हवा है यह आप जानते हैं इसी तरह ईश्वर को आपने देखा नहीं है लेकिन वह है इस बात को नजर अंदाज कर आप न जाने कितने धर्म विरूद्ध आचरण करते हैं*  *जबकि सोचिए यह अनमोल जीवन विधाता की ही देन है मां के गर्भ में जब आप थे तब क्या हुआ था यह आपको याद नहीं रहा क्यों*


*आप तो बेहद बुद्धिमान व्यक्ति है फिर कैसे भूल गए आप उस महा भयानक पीड़ा को को अपने  स्वयं सहन की थी ईश्वर एक शाश्वत सत्य है जब आपके मुंह में दांत नहीं थे तब उस परमात्मा ने आपके लिए दूध का इंतजाम किया था ,आपकी आने वाली दूसरी सांस पर आपका नियंत्रण नहीं है सारा खेल वह ईश्वर रच चुका है* *वह ईश्वर या परमात्मा , जाति धर्म, धन दौलत , पद, प्रतिष्ठा का मूल्यांकन नहीं करता तभी तो किसी भी मानव जीवन के अंत में लोग खुद कहते हैं राम नाम सत्य है ,, वह सत्य जिसे जीवन में आदमी झुठलाता रहता है वह स्वयं के अहंकार के वसीभूत हो जाता है लॉन्ह, मोह, लालच, में सब कुछ भूल जाता है ईश्वर है या नहीं इस बात पर संदेह करता है अपने भौतिक शरीर, पद, प्रतिष्ठा का अभिमान करता है लेकिन अंत में  उसे आभास होता है कि राम नाम सत्य है क्यों ? क्यो की श्री राम चरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास जी लिखते हैं* *कि " लाभ हानि जीवन मरण जस अपजस विधि हांथ*"!

 *ये छ: बातें विधि के हांथ में हैं  बाकी सब कुछ आप को अपने विवेक से निर्णय लेना चाहिए !*

 


*जाकी रही भावना जैसी , प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी " अर्थात जिसकी जैसी भावना होती है वह वैसा ही ईश्वर को प्राप्त कर पाता है । ईश्वर सदैव चैतन्य है , इस सृष्टि में समाया हुआ है , प्रत्येक प्राणी के अंदर है , हर स्थान पर उपस्थित है । ईश्वर एक है पर ईश्वर के अनेक रूपों को हम जानते हैं । ईश्वर की सत्ता सर्वशक्तिमान है । हम ईश्वर को जब भी अंतरमन से स्मरण करते हैं ; अपने हृदय से पुकारते हैं , ईश्वर हमारी अवश्य सहायता करता है* । 


*आप अपने लेख,कविता, विचार बच्चो के डांस की वीडियो या बच्चो के जन्म दिवस की वीडियो भेजे हम निशुल्क अपने समाचार पत्र व चैनल में अवश्य स्थान देंगे वॉट्स ऐप नम्बर स.संपादक शिवाकांत पाठक सम्पूर्ण भारत 📲 9897145867*

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