मां गंगा वाटिका का शुभारंभ है पुलिस के प्रेम का प्रतीक!
स. संपादक शिवाकांत पाठक उत्तराखंड!
प्राचीन
काल से मनुष्य अपने प्रेम का इजहार करने के लिए पुष्पों का सहारा लेता रहा क्योंकि पुष्प सदैव उदारवादिता, समर्पण, का प्रतीक माने जाते हैं वे दूसरों के लिए ही अपना जीवन समर्पित करते हैं क्योंकि शादी, हो या फिर पहला मिलन, अर्थी हो या ईश्वर की पूजा अर्चना सभी के लिए सदैव समर्पित रहने की कला केवल पुष्पों में ही देखी गई है लेकिन यह सभी बाते आप अंतर्मन से यदि सोचे तो पुलिस विभाग पर भी खरी उतरती हैं जो कि हर समय हर परिस्थिति में हर मामले या समस्या में आप सभी के साथ बिना अपनी जान की परवाह किए कार्य करते हैं तो फिर ये भी वही पुष्प हैं जो कांटो में भी खिल कर आप सभी की खुशियों का कारण बनते हैं आज एस एस पी योगेन्द्र सिंह रावत ने डी आई जी महोदय के दिशा निर्देशों पर वही सब कर दिखाया जिसकी कप्पना आप नहीं कर सकते थे इस सोच व पहल को आप सभी लोग वास्तविकता की निगाहों से देखें तो सच यही है कि पुलिस के आला अधिकारियों की पहल ही आम जनता के लिए प्रेम का प्रतीक है !
पुलिस कार्यालय रोशनाबाद में जनपद के पुलिस कर्मियों के सहयोग एवं सार्थक प्रयासों से ऑफिस के खाली स्थान पर तैयार हुई "मां गंगा वाटिका" का जनपद के पुलिस मुखिया डीआईजी/एसएसपी डॉ योगेंद्र सिंह रावत महोदय द्वारा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण की उपस्थिति में रिबन काटकर तत्पश्चात अशोक का पौंधा लगाकर विधिवत उद्घाटन किया गया।
इस वाटिका में निम्न प्रजातियों के पुष्प लगाए गए हैं जो वर्तमान में खिलने शुरू हो गए हैं--
पैंजी, पिटूनियां, गजीनिया, गेंदा, डायन्थस, कैलेंडुला, फ्लाॅक्स, गुलाब, ज़रबेरा, अजेलिया, कारनेशन, लिलियम, बिगोनिया, सालविया, गुडेशिया, अस्टर, स्टॉक, इंपैशन्स, बरबीना, डहलिया ड्वार्फ, प्राइमूला, रैननकुलस, जिरेनियम, सिनेरेरिया, पाॅपी ~ सिंगल, पाॅपी ~ डबल, ट्यूलिप, फ्यूशिया, बरमूदा S-1 grass, अशोक, मोर पंखी, डहलिया, आइस फ्लावर, रात की रानी, डेज़ी आदि!
ये पुष्प कार्यालय आ रहे लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। उक्त अवसर पर एसपी ज्वालापुर, एएसपी संचार, सीओ सिटी, सीओ सदर, सीओ ऑप्स एवं अन्य अधि0 व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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