आगामी दिनांक 27 मई से लेखपाल एवम कानून गो करेंगे कार्य बहिष्कार,, लेकिन क्यों,,!उत्तराखंड,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,, ( पुराने अभिलेख ही महत्वपूर्ण,,लेखपाल आखिर करे तो क्या करे, पुरानी खतौनी लाने की जिम्मेदारी खातेदार की होनी चाहिए,, ) ( यदि हम प्राचीनता क़ो भूल जाएँ तो वर्तमान का कोई भी अस्तित्व नहीं रह जाता,साथ ही जहाँ बात बटवारे या हिस्से की हो तो पुरानी खतौनी क़ो लेकर लेखपाल द्वारा दिया गया ज्ञापन किसी हद तक सोचनीय पहलू है,, क्यों जहाँ पुराना नहीं वहां नया हो ही नहीं सकता,, सोचिये खेती की ज़मीन से जुड़े मामले चकबंदी विभाग से ताल्लुक रखते हैं,, और किसी भूल वस यदि किसी सम्बंधित विभागीय अधिकारी ने किसी की कृषि योग्य भूमि क़ो परती, या खाला,, में दर्ज कर दिया और उसके कई लोग हिस्सेदारी रखते हैँ तो लेखपाल के लिए ये टेढ़ी खीर साबित होगी,, क्योकि उसे रिकार्ड रूम जाकर मुआयना करना होगा,, जार्जर कागजातों में लिखी बातें समझना होगा,,, जब ये जिम्मेदारी खातेदार की होनी चाहिए,,) खतौनी पुनरीक्षण / अद्यतन प्रक्रिया अन्तर्गत खतौनी में खातेदारो / सहखातेदारो के गाटों के क्षेत्र में अंश/हिस्से के क्षेत्रफल का निर्धारण किये जाने के सम्बन्ध में। राजस्व परिषद देहरादून के पत्...