"पति की अनकही कहानी" एक बार जरूर पढ़िए,,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,,
( अक्सर एक पत्नी अपने जीवनसाथी से और बच्चे अपने पिता से यह सवाल करते है तुमने मेरे लिए किया ही क्या है?" )
लेकिन जब उसी पत्नी या बच्चों से पूछा जाए
"घर की गैस, बिजली, पानी, मकान,,, और उसकी मरम्मत, रखरखाव, घरेलू सुविधाएं, दवाइयां, किराना, बच्चों की पढ़ाई, भविष्य के लिए बचत, बैंक,बच्चों की फरमाइश पूरी करना,, अपनी हर ख्वाहिश को मारकर जीना,,, बीमा, अस्पताल, स्कूल, ऑफिस, पास-पड़ोस जैसी अनगिनत जिम्मेदारियों को कौन निभाता है? एक पिता या पति कभी भी एक सांस भी अपने लिये नहीं लेता,,
तो जवाब होता है - ** पति।**
जब कोई पूछे कि ** बीमारी में तुम्हारा ख्याल कौन रखता है?
दवाइयां कौन लाता है?**
तो फिर भी जवाब होता है -
** पति। **
जब कोई पूछे कि ** तुम्हारी हर ज़रूरत को पूरा करने वाला पति कभी तुमसे पैसे मांगता है?**
तो जवाब होता है - ** नहीं।
सच तो यह है कि एक पति, जीवन भर बिना किसी शोर-शराबे के, अपने परिवार के लिए एक सच्चे सेवक की तरह काम करता है।
वह न थकता है, न शिकायत करता है फिर भी जब किसी बात पर मनमुटाव होता है, तो पत्नी यही कहती है:
"तुमने मेरे लिए किया ही क्या है?"
समस्त नारियों से अनुरोध है की सोचें,,
पति सिर्फ एक जीवनसाथी नहीं, वह आपके जीवन में आया एक निःशब्द और निःस्वार्थ सेवक है।
उसका सम्मान कीजिए, उसकी भावनाओं को समझिए। क्योंकि वह जो करता है, वह सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, ** प्यार** होता है,, अपने परिवार के लिये अपनों के लिये जीता है वह जिंदगी,,, 🙏🙏🙏🙏



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