श्री कृष्ण जन्मआष्ट्मी की हार्दिक शुभकामनायें,!अवनीश कुमार मिश्रा,,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,,
एक भेंट के दौरान वरिष्ठ समाज सेवी, अवनीस कुमार मिश्रा ने उत्तराखंड एवम हरिद्वार वासियों को श्री कृष्ण जन्मआष्ट्मी की हार्दिक शुभकामनायें प्रदान करते हुए कहा कि कृष्ण का रंग काला है। काला जिस पर कोई दूसरा रंग नहीं चढ़ता। सूरदास कहते हैं ना, सूरदास की काली चमड़िया चढ़े ना दूजा रंग। काला रंग सब रंगों को सोख लेता है।*
उन्होंने सब रंग अपने भीतर समा लिए हैं। हर रंग की पीड़ा सुनी है, हर ढंग का कष्ट समाया है उनमें, इसलिए वो काले हैं। किसी का कोई प्रभाव नहीं उन पर।
सारे प्रभाव वहां आकर अपना प्रभाव खो देते हैं। सारी यात्राएं स्थगित हो जातीं हैं। उलझनों के पाँव स्थिर हो जाते हैं। कृष्ण भी इसीलिए काले हैं। दुनिया का दुख शरण लेता हैं उनमें।
*उन्होंने गोपियों की वो पीर सुनी है जो वो अपने पतियों से नहीं कह सकीं, अपने पिता, भाई, सखियों से नहीं कह सकीं। यमुना का दुःख कृष्ण में ठहरता है।*
सुदामा के आंसू कृष्ण की आंखों में निवास पाते हैं। राधा की पीड़ा, उसका एकांत महकता है कृष्ण की देह से।
*कृष्ण दुनिया भर की पीड़ा के सागर हैं। जहां सबके दुखों की नदी गिरती है। इसीलिए कृष्ण काले हैं।*
_आज कृष्ण का जन्मदिन है। हमारी चाहत है : कृष्ण आपके अंतस में जन्में, उसका आयतन बढ़ाते हुए। कृष्ण आपमें उतरें– आपको मनुष्य से मनुष्यतर करते हुए, विकास से विकसित करते हुए। कृष्ण आएं और आपके भीतर जो आप हैं उसे अमर कर दें, अक्षर कर दें।_



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