खास रिपोर्ट,,भ्रष्ट पुनर्वास विभाग की मिली भगत से पट्टा धारको को नहीं भू माफियाओ को मिल रहा था लाभ,!

 


( इस मामले की विस्तृत जाँच में भी खुलासा होगा करोडो के घोटाले का,,)


संदीप पाठक की रिपोर्ट,




( लालच के अंधे भूमाफिया नही जानते कि जिस किसान की ज़मीन पर वे उसे खुर्द वुर्द करने हेतु कस्टमर ले जा रहें हैँ,, उसका मामला माननीय न्यायलय मे विचाराधीन है,,  वह खसरा पुनर्वास द्वारा अधिग्रहण नहीं किया गया है बस इसीलिए पूनर्वास विभाग उस भूमि पर पट्टा नहीं कर सकता,, इस बात को लेकर  किसान द्वारा न्यायलय मे शिकायत की गईं न्यायलय ने आरोपियों के फोटो विडिओ तलब किये ताकि न्यायलय की अवमानना का केस दर्ज किया जा सके,, जो कि किसान ने न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत किये ,,अब देखना है की चाँद आसमान मे चमकता है या सिर पर,,)

( अखिल भारतीय ग्राहक पंचयात के उत्तराखंड प्रदेश सचिव ने कहा इस मामले मे आरोपी सभी भू माफियाओ को जाना होगा जेल,)


टिहरी पुनर्वास पट्टा आवंटन प्रतिक्रिया का लाभ सिर्फ प्रॉपर्टी डीलरों को ही क्यों मिला,, लाभार्थी को तो सिर्फ चंद पैसे ही  हाँथ लगे,, यह मामला सिर्फ देहरादून ही नहीं वल्कि, ऋषिकेश, हरिद्वार, हरिद्वार वार्ड नंबर 13 नवोदय नगर,सुमन नगर, आदि इत्यादि के डीलर इस पट्टा आवंटन में महंगी गाड़ियों में घूमने लगे,, वर्ष 2003 में पट्टा आवंटन के बाद पुनर्वास और डीलरों की सांठ गांठ से जो खेल खेला गया उस खेल में बड़ी बड़ी दिग्गज हस्तियों के शामिल होने की भी चर्चा है,, देहरादून में एक पट्टे को दो बार बेचने पर पट्टा जो  खुलासा हुआ है और डी एम ने पुनर्वास अधिकारियो को आड़े हांथो लिया है,,साथ ही सी बी सी आई डी जाँच हेतु निर्देशित किया गया,,



यह कदम अत्यंत सराहनीय है जिससे तमाम पट्टा घोटालो की परते खुलेगी,, सच तो यह है कि यह मामला हर टिहरी विस्थापित वार्डो, नगरो, शहरों मे है क्यों कि खसरे नंबर को छुपा कर डीलरों द्वारा एक ही कृषि भूमि पट्टा को दो  या तीन चार बार खसरा नंबर डाल कर बेचा गया,, यहाँ तक कि जहाँ ऐसा किया गया है, आज तक वहां पर दाखिल ख़ारिज नहीं हो रहे,,, जैसे विष्णु धाम कलौनी नवोदय नगर मे खसरा नंबर 421 का हवाला देकर बिना नक्सा पास कराये ही कलौनी काट दी गईं,,,, जैसे कि टिहरी विस्थापित नवोदय नगर मे विष्णु धाम या लोक करके एक  अवैध कलौनी एक दवंग भू माफिया द्वारा काटी गईं,, जिसमें कि पट्टा श्याम लाल एच सी के नाम है,, , यह मामला फिलहाल हरिद्वार वार्ड नंबर 13 नवोदय  नगर, एवम सुमन नगर का है,, गोपनीय सूत्रो के आधार पर पट्टा का आवंटन किसके नाम होना है यह बात डीलर तय करते हैँ,,साथ ही टिहरी पुनर्वास हेतु अधिग्रहण की गई भूमि से सम्बंधित खसरे नंबरों से डीलरों को कोई भी लेना देना नहीं होता,,




जाँच का विषय,,👇🏿




पट्टा धारक लाभार्थी यदि हरिजन है तो क्या बिना जिलाधिकारी की परमिसन के डीलरों द्वारा कलौनी काटी गई है,, साथ पट्टों की आड़ में बिना पैमाइस कलौनी काटना विधि सम्मत नहीं है,, कलौनी का नक्शा पास नहीं कराया गया,, उपरोक्त कलौनी जिसमें दो वर्ष पूर्व बरसात मे एक मकान ढह गया था,, और एस डी एम हरिद्वार मौके पर पहुचे थे, वह पूरी तरह अवैध है फिर कार्यवाही क्यों नहीं की गईं,,,,




डीलरों की मिली भगत से पट्टा आवंटन में पात्रता का ध्यान नहीं रखा गया,,




तमाम पट्टा धारिको को मालूम भी नहीं हुआ और उनके पट्टे बिक गये,, इसके अलावा और भी बहुत खामियाँ जाँच के बाद उभर कर सामने आएगी,,








,टिहरी बांध प्रभावितों के पुनर्वास,में हुए भूमि फर्जीवाड़े ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया,!

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