सावधान,, नवोदय नगर में फल फूल रहा है नकली पनीर, मावा, दूध का कारोबार,,,! नवोदय नगर हरिद्वार।
स. सम्पादक शिवाकांत पाठक।
( हम-आप जो पनीर खाते हैं, वो इस तरह से बनता है..)
रिपोर्ट महावीर गुसाईं जिला ब्यूरो प्रमुख,,
( तमाम बाहरी डेयरी वाले कर रहे हैं नवोदय नगर वासियों के साथ खिलवाड़ कमा रहे हैं लाखों)
सबसे पहले दूध से क्रीम निकाल ली जाती है और फिर उस दूध में अरारोट मिला दिया जाता है। अरारोट की मात्रा इतनी होती है कि दूध गाढ़ा हो जाए। इसके बाद इसमें फार्मलीन डाल दिया जाता है। दूध को फाड़ने के लिए छेने का पानी डाला जाता है।
तीन तरीकों से करें नकली पनीर की पहचान...
1. पनीर का टुकड़ा हाथ में मसलकर देखें। अगर यह टूटकर बिखरे तो समझ लीजिए मिलावटी है क्योंकि इसमें मौजूद 'स्किम्ड मिल्ड पाउडर' दबाव नहीं सह पाता।
2.पनीर को पानी में उबाल ठंडा कर लें। ठंडा हो जाए तो उस पर कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें। अगर पनीर का रंग नीला पड़ जाए तो समझ लीजिए कि यह मिलावटी है।
3.नकली पनीर ज्यादा टाइट होता है। उसका टैक्सचर रबड़ की तरह होता है।
टायफाइड, अल्सर, पीलिया हो सकता है...
डॉ कृष्ण सिंह के अनुसार, मिलावटी दूध, पनीर खाने से पेट और त्वचा रोग पनपते हैं। इससे अधिकतर टायफाइड, पीलिया, अल्सर, डायरिया होता है।
ये हो सकती है सजा...
आईपीसी की धारा 272 : नकली चीजें तैयार करना। इस धारा में दोषी होने पर 6 महीने की सजा और एक हजार रुपए जुर्माना या दोनों ही सजा का प्रावधान है।
आईपीसी की धारा 273 : खाने-पीने की चीजों को तैयार करने में ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल करना जो सेहत के लिए ठीक न हों। दोषी पाए जाने पर 6 महीने सजा और 1000 जुर्माने का प्रावधान है।
आईपीसी की धारा 420: धोखाधड़ी करना, इस धारा में दोषी पाए जाने पर सात साल की सजा और फाइन या दोनों होने का प्रावधान है।
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