रावली महदूद में शराब ठेके पर ओवररेटिंग, अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल, जवाबदेही तय करने की मांग तेज,,
हरिद्वार
रावली महदूद हाइवे में शराब ठेके पर ओवर रेटिंग का मामला सामने आना न केवल उपभोक्ताओं के साथ सीधा अन्याय है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्राहकों का आरोप है कि एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है, और शिकायतों के बावजूद ठेके पर मनमानी जारी है। यदि यह सच है तो यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम जनता की जेब पर खुली चोट है।
सबसे चिंताजनक पहलू अधिकारियों की कथित लापरवाही है। क्षेत्रीय जिम्मेदार अधिकारी नियमित निरीक्षण और जांच की जिम्मेदारी निभाने में कितने सक्रिय हैं, यह सवाल अब जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। क्या शिकायतें संबंधित विभाग तक पहुंचीं? अगर पहुंचीं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।
प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह पारदर्शिता सुनिश्चित करे, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और यह संदेश दे कि नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जनता का विश्वास कमजोर होगा। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या वास्तव में जवाबदेही तय होती है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।

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