कानून के हाँथ बहुत लम्बे होते हैँ दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा!हरिद्वार,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,,
( तत्कालीन थानाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला ने की थी गिरफ्तारी और शख्त विवेचना )
प्रेम संबंधों के चलते लिव इन पार्टनर युवती की हत्या करने के मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने मुख्य अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं 25,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. दूसरी अभियुक्त जो युवक की प्रेमिका थी, को हत्या का सबूत छिपाने के मामले में 5 वर्ष का कारावास तथा 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है. इस केस में मृतका के परिजनों की ओर से मकान मालिक ने मुकदमा दर्ज कराया था और छह साल तक मजबूत पैरवी की. तब जाकर परिजनों को इंसाफ मिला.
लिव इन पार्टनर के हत्यारे को आजीवन कारावास: शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम रावली महदूद निवासी सुखबीर सिंह चौहान ने 25 मई 2020 को थाना सिडकुल में एक तहरीर दी थी. उन्होंने कहा था कि आरोपी रोहित पुत्र नीलेश निवासी ग्राम चिडै़या, नवादा, बिहार एवं सोनम उर्फ वर्षा निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश सिडकुल स्थित फैक्ट्री में कार्य करते थे. माह मार्च 2020 में दोनों ने शिवनगर कॉलोनी निकट डेंसो चौक, सिडकुल स्थित उनके मकान में कमरा नंबर 28 किराए पर लिया था. वे दोनों एक साथ रहते थे. आरोपी मंजू कुमारी पुत्री गजेंद्र सिंह निवासी ग्राम महोदा जिला फर्रूखाबाद भी इसी मकान में एक अन्य कमरे में किराए पर रहती थी.
( प्रेमिका को 5 साल की सजा: )
मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने 29 मई 2020 को आरोपी मंजू को डेंसो चौक सिडकुल से गिरफ्तार किया था. सिडकुल थाने के थानाध्यक्ष रहे लखपत सिंह बुटोला की सख्त विवेचना और तत्परता से रोहित को बाद में गांव सुखपुर गुर्जरवाला थाना कौशांबी गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों आरोपी जेल में निरुद्ध चले आ रहे थे. मुकदमे में वादी पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान कराए गए. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी रोहित को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 201 साक्ष्य छुपाने का दोषी पाया है. जबकि आरोपी मंजू को साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया है. मंजू को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है.

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