कौन है जिसने सारा संसार बनाया जिसकी मर्जी के बिना हम सांस नहीं ले सकते ?
( हमको मनुष्य बनाने के पीछे उसका उद्देश्य क्या है )
संपादक शिवाकांत पाठक !
हमको किसने बनाया यह हम नहीं जानते लेकिन प्रत्येक वस्तु, जीव , रचना, लेख का निर्माता अवश्य ही होता है तो फिर कौन है वह जिसने सारे संसार की रचना की और अपने आप को छुपा लिया ? जबकि दुनियां के प्रत्येक देशों द्वारा बनाई गई वस्तुओं में लिखा होता है मेड इन चाइना, इन्डिया, जापान, आदि लेकिन संसार बनाने वाले ने अपने द्वारा बनाई गई किसी भी कलाकृति में अपना नाम नही लिखा क्यों क्या कभी
अकेले में बैठ कर चिंतन किया है आपने ? नहीं क्यों कि आपके पास समय नहीं है " है ना सच बात ? और समय भी ईश्वर की ही रचना है जिसे हम नकारा नहीं जा सकता ,क्यों कि जब हमारी हर सांस उसकी कृपा से चल रही है तो फिर सोचिए कि उस मालिक उस परमात्मा के लिए समय का ना होना कितना निराधार अभिमान है जो हम आप के अंदर ही है !
उस परमात्मा को याद करने के लिए यदि हम दस मिनट भी लगाते हैं तो तुरंत तमाम भौतिक समस्यायों के निराकरण के लिए तुरंत मांग पात्र प्रेषित कर देते हैं ,
जैसे हमारे रुके हुए काम बन जाएं , बेटा अच्छी नौकरी पर लग जाए , हमारे घर में लक्ष्मी आ जाए हमारे व्यापार में उन्नति हो आदि आदि ,तो सोचिए जब आप मां के गर्भ में थे तब आप के मुंह में दांत नहीं थे आप कोई भी खाद्य वस्तु नहीं खा सकते थे तब उस दया और करुणा के सागर परमात्मा ने आपकी जन्मदात्री मां के आंचल में दूध का इंतजाम आपके पैदा होने से पहले किया क्या यह झूठ है तो फिर जो आपके जीवन का दाता है जिसने आपके जीवन में आने वाली परेशानियों को लेकर पहले ही बहुत कुछ कर दिया है क्या उसका नाम भी लेना आप अहसान समझते हैं बताएं ?
यह वह सवाल है जिसका जवाब आप खुद जानते हैं लेकिन मानते नहीं है , आप एक बार सोच कर देखें कि उस परमात्मा ने हमारी परीक्षा लेने के लिए इस प्रथ्वी पर हमको मानव जीवन दिया है , इसीलिए उसने माता, पिता, भाई, बहिन, पत्नी आदि तमाम रिश्तों में आपको उलझा दिया है ताकि वह देख सके कि आप इन खिलौनों से खेलते हैं या फिर आप ईश्वर के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करते हैं ! लेकिन हम इन खिलौनों में ही खेलते हुए अपना बहुमूल्य जीवन बर्बाद कर देते हैं ,अंत में जब हमारे सामने मौत खड़ी होती है तब हम बहुत ही पछताते हैं कि मेरा मानव जीवन बेकार चला गया !
सुझाव =(1) प्रतिदिन एक ऐसा काम जरूर करें जिसमें आपका कोई स्वार्थ ना हो 👈
(2) जैसे कि चीटियों को जो आखों से दिखने वाला सबसे छोटा जींव है उन्हें भोजन दें (भूना हुआ आटा, पिसी चीनी या गुड़ , पक्षियों को दाना, पानी , कुत्तों और गाय को रोटी दें !
(3) किसी भी भूखे बेबस , विकलांग, कुष्ठ रोगी इंसान को भोजन करवा दें!
👉असहाय विकलांग सेवा ट्रस्ट हर पल आपके साथ है हम आप सभी को सही मार्गदर्शन देंगे क्यों कि जो साथ जाना है वह पूंजी आपके पास नहीं है और जो भी पूंजी आपके पास है वह ध्रुव सत्य है कि आपके साथ नहीं जा सकती !👈
अधिक जानकारी के लिए या अपने सुझाव देने के लिए संपर्क करें व्हाट्स ऐप नम्बर📲 9897145867,, 📲9368922217 मुकेश राणा
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः🙏🙏🙏






टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें