कैच द रैन अभियान की बैठक में भी कान पर लगा फोन ?हरिद्वार!
स. संपादक शिवाकांत पाठक उत्तराखंड!
श्री भूषण कुमार शर्मा , संयुक्त सचिव/नोडल अधिकारी, भारत सरकार की अध्यक्षता में सोमवार को रोशनाबाद के सभागार में जल शक्ति अभियान-कैच द रेन सम्बन्धी बैठक आयोजित हुई।
जिसका उद्देश्य अमृत सरोवरों का निर्माण कैच द रैन का मतलब वर्षा अधिक होने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए आदि लेकिन आप गौर से देखें कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली मीटिंग से अधिक महत्व पूर्ण कार्य समझते हुए एक बाबू जी फोन पर लगे हुए हैं तमाम जिम्मेदार अधिकारी भी इन्हीं महासय की ओर देख रहे हैं कि आखिर कौन सी ऐसी महत्व पूर्ण बात है जो कि केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान के संबंध में जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में हो रही बैठक से ज्यादा महत्व पूर्ण है ?
यह सच है कि फोन वर्तमान समय की मांग है एवम् आवश्यकता है लेकिन जिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हमको जिम्मेदारियां सौंपी गई है वह व्यवस्था हमारे लिए सर्वोपरि होना चाहिए!
शायद अब हम आधुनिक ही नहीं बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होकर अपने फर्ज से भटक रहे हैं!
बात यहां अनुशासन की नहीं बल्कि फर्ज की है जो शायद अब सभी लोग भूलते जा रहे हैं !
सीनियर आई ए एस जिलाधिकारी श्री विनय शंकर पाण्डेय द्वारा रात दिन कावड़ मेंले की तैयारियों को लेकर आवश्यक महत्वपूर्ण निरीक्षण एवम् प्रकाश, जल व अन्य अवस्कताओं के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य करते देखा जा सकता है तो फिर इस प्रकार की अनुशासन हीनता कहां तक जायज हो सकती है ?

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