संत रविदास जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं!
संपादक शिवाकांत पाठक!
रिजवान खान साबरी संयुक्त सचिव किसान कांग्रेस उत्तराखंड की ओर से सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को परम् सन्त शिरोमणि सतगुरू रविदास जी महाराज जी की 646 वी पावन जयंती की बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं|
भारत के महान संत रविदास (रैदास) का जन्म वि.सं. १४३३ (१३७६ ई.) में माघ की पूर्णिमा को हुआ था ।
गुरू रविदास जी का जन्म काशी में चर्मकार (चमार) कुल में हुआ था। उनके पिता का नाम संतो़ख दास (रग्घु) और माता का नाम कलसा देवी बताया जाता है। जिस दिन उनका जन्म हुआ उस दिन रविवार था इस कारण उन्हें रविदास कहा गया। भारत की विभिन्न प्रांतीय भाषाओं में उन्हें रोईदास, रैदास व रहदास आदि नामों से भी जाना जाता है।
रैदास ने साधु-सन्तों की संगति से पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया था। जूते बनाने का काम उनका पैतृक व्यवसाय था और उन्होंने इसे सहर्ष अपनाया। वे अपना काम पूरी लगन तथा परिश्रम से करते थे और समय से काम को पूरा करने पर बहुत ध्यान देते थे।
उनकी समयानुपालन की प्रवृति तथा मधुर व्यवहार के कारण उनके सम्पर्क में आने वाले लोग भी बहुत प्रसन्न रहते थे।
प्रारम्भ से ही रविदास जी बहुत परोपकारी तथा दयालु थे और दूसरों की सहायता करना उनका स्वभाव बन गया था। साधु-सन्तों की सहायता करने में उनको विशेष आनन्द मिलता था। वे उन्हें प्राय: मूल्य लिये बिना जूते भेंट कर दिया करते थे।
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