हां यह खाकी है जनाब
*हां यह खाकी हैं..!*
*हर हाथ में कलम पाठशाला स्थापित कर असहाय नौनिहालों का भविष्य संवार रहे उन्नाव जंक्शन के जीआरपी में नियुक्त आरक्षी रोहित कुमार*
उन्नाव। स. संपादक शिवाकांत पाठक!
अगर एक सभ्य और स्वस्थ्य समाज की स्थापना करनी है तो सबसे पहले शिक्षा पर ध्यान देना होगा,क्योंकि शिक्षा शेरनी की दूध के समान है जो पीता वही आगे चलकर दहाड़ता है।
इसी लिए भूखे रह लीजिये लेकिन अपने बच्चों को शिक्षित जरूर करिये।
हर हाथ में कलम पाठशाला स्थापित कर असहाय नौनिहालों का भविष्य संवार रहे उन्नाव जंक्शन के GRP (जोआरपी) में नियुक्त आरक्षी रोहित कुमार!
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जंक्शन के जीआरपी में नियुक्त यूपी पुलिस के आरक्षी रोहित कुमार "हर हाथ में कलम नाम से एक पाठशाला स्थापित कर गरीब व असहाय बच्चों की जिन्दगी को शिक्षा रूपी प्रकाश से रोशन कर रहें हैं"
रोहित कुमार के इस पाठशाला की सोच की शुरूआत तब हुई जब इनकी ड्यूटी कानपुर रायबरेली पैसेन्जर में लगी थी और इन्होनें कुछ छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में कटोरा पकड़े हुए देखा।
बस यहीं सितम्बर2019 से जुट गये 2005 बैच के सिपाही रोहित अपने शिक्षा के इस अभियान में।
रोहित बताते हैं कि शुरूआत 5 बच्चों से हुईथी,उसके बाद घर-घर जाकर परिजनों से सम्पर्क एक महिने की कड़ी मशक्कत के बाद 5 से 15 हो सकी। फिर भी इन्होने हार नहीं मानी।
अपनी ड्यूटी से समय निकालकर शिक्षा की अलग जगाने रोजाना जरूर पहुँचते थे।
इस स्कूल शुरूआत में उन्नाव जंक्शन के बगल खुले आसमान के नीचे होकर निजी पैसे के किराया के मकान से होते हुए आज उन्नाव जनपद के थाना अचलगंज के कोरारी गाँवके पंचायत भवन में सुव्यवस्थित तरीके से संचालित है।
जिला पंचायती राज अधिकारी के सहयोग से पंचायत भवन को स्कूल में बदला जा सका है।
रोहित ने पाठशाला में आजकल दो प्राइवेट शिक्षकों को वेतन देकर पढाने की जिम्मेदारी दे रखा है।
इटावा जनपद के मूल निवासी रोहित इतिहास विषय से स्नातकोत्तर की उपाधि धारण किये हुए हैं।
रोहित का लक्ष्य है प्रत्येक गरीब और असहाय बच्चे तक शिक्षा की रोशनी को पहुँचाना है।
रोहित द्वारा किये जा रहे इस सराहनीय प्रयास के लिए हम उन्हें और उनके पूरे परिवार को सलाम करते है !


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