दिखावे की राजनिति के दल दल में जकड़ा नवोदय नगर! सच कहूं या न कहूं!!!! महावीर गुसाई समाज सेवी!
यदि इंसानियत का एक कतरा भी बाकी है तो सोचो,,
बर्ष 2022 का समय,, घनघोर वर्षा के दौरान आई जल आपदा के संकट की वह भयावह घड़ी जिसे नवोदय नगर की जनता कभी भुला नहीं सकती ,, पानी के तेज बहाव से हुई कटान के कारण तमाम मकानों के अस्तित्व पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे,, नन्हे बच्चों को लेकर सपरिवार रात्रि में ही सड़क पर खड़ा परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा था,, मकान कब जमी दोज हो जाए कुछ भी पता नहीं था,, मां और पिता दोनो की आंखे आंसुओं से डबडबा आईं थीं,, कैसे क्या होगा ,, कहां रहेंगे,, मकान की किश्त का क्या होगा,, तमाम सावल उनके हृदय को छलनी कर रहे थे,,
नवोदय नगर की नदी के पानी का तेज बहाव भयानक रूप ले चुका था,, सुबह होने से पहले ही मकान खाली करने के लिए छोटा हांथी मंगा कर उसमे सामान रखते देख परिवार के बच्चो की आंखों से आंसू नहीं थम रहें थे ,,
वहीं दूसरी ओर आम जनता के वोटो से जीते आलीशान बंगलों में रहने बालों ने आकर एक बार भी यह नहीं कहा कि मैं तुम्हारे दुख में दुखी हूं या साथ हूं,, क्यो कि जो व्यक्ति आपके वोटो से जीतने के बाद आपका फोन रिसीव करने में खुद की तौहीन समझता हो उससे आप क्या उम्मीदें रख सकते हैं,,छुट भईया नेता लोग विडियो और फोटो वायरल कर वाहवाही लूटने में व्यस्त थे,, लेकिन घटना से व्यथित व्यक्ति खुद को अकेला महसूस कर रहा था,, आप को एक बात स्पष्ट रूप से बताना चाहता हूं कि , सरकारी नौकरी वालों की पेंशन भले ही बंद हो चुकी हो लेकिन हमारे बुद्धि जीवी वर्ग जिन्हे आप अपने वोट देकर जिताते आए हैं उनकी पेंशन पर कभी भी कोई भी आंच नहीं आ सकती,, रही बात जनता की तो आपको मुवावजे को हकीकत का पता नहीं है या फिर आपने पता करने की कोसिश नहीं की,, दैवीय आपदा से क्षति ग्रस्त हुए मकान की कीमत भले ही 20 लाख रूपए क्यो न हो,, लेकिन मुआवजा तो सिर्फ,6 या सात हज़ार रुपए मिलेगा,,, क्यों,,? क्यों कि यह आंकलन ब्रिटिश सरकार के समय पर किया गया था,, जिसे किसी ने छेड़ने की कोशिश नहीं की,, और अब आते हैं असली मुद्दे पर चर्चा जहां से शुरू हुई थी,, जल आपदा के महा भयानक संकट से निपटने हेतु मौजूदा एस डी एम पूरण सिंह राणा ने जे सी वी मशीन द्वारा नदी के बहाव को स्थानांतरित करने का प्रयास किया,, यानी कि प्रशासन ने जनता के दर्द को समझा ,, हालांकि इस समय एस डी पूरण सिंह राणा हरिद्वार में नहीं हैं लेकिन अच्छे लोगों के जनहित में किए जाने वाले कार्य उनकी यादों को ताजा करे देती हैं,,
हरिद्वार प्रशासन ने इस महाभयानक जल आपदा के संकट से निपटने हेतु एक बैठक के दौरान योजना को अमली जामा पहनाया और नदी में खनन हेतु टेंडर जारी किया,, जिसके तहत प्रशासन द्वारा सुनिश्चित राजस्व जमा कर कुछ लोगों द्वारा स्वीकृति प्राप्त कर नदी से रेता को उठाते हुए बहाव क्षेत्र को अन्यत्र दिशा की ओर मोड़ दिया,, परिणाम स्वरूप वर्ष 2023 में होने वाली महा भयानक बारिश की चुनौती को स्वीकार करते हुए नदी के जल बहाव ने अपना रास्ता बदल दिया,, इस बात पर सम्मानित किया गया भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार को
नवोदय नगर में तीव्र वारिश के बावजूद किसी तरह की अनहोनी भू स्खलन को लेकर नही हुई, फिर भी खुद को एक महान समाज सेवी कहलाने वाले व्यक्ति ने जब खनन आधिकारी से यह कहा कि अगली बार हम सड़क से खनन नहीं होने देंगे,, यह बात संकुचित मानसिकता को दर्शाती है,, सड़क सरकार की है,, भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति सरकार की अमानत है,, राजस्व सरकार की ताकत है,, फिर यह बात कह कर वह व्यक्ति क्या साबित करना चाहता था,,
पत्रकार योग कल्याण समिति रजिस्टर्ड के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव शिवाकांत पाठक ने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे जन हित राष्ट्र हित कार्यों में किसी भी प्रकार की अड़चन डालने वालों को प्रशासन चिन्हित कर कार्यवाही करे ,, ताकि पुन; अपवाद का जन्म न हो सके! पत्रकार योग कल्याण समिति द्वारा इस जल आपदा संकट से निपटने हेतु खनन विभाग द्वारा जारी किए गए खनन कार्य की सभी नवोदय नगर वासियों ने सराहना की साथ सहायक भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार जिला खनन आधिकारी को समनानित किया गया! और आगे भी राष्ट्र एवम समाज हित में कार्य करने वाले आधिकारियों को हमारा संगठन सम्मानित करेगा!
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