संत के हमलावर गिरफ्तार ना होने पर उत्तराखंड के संतो में आक्रोश! हरिद्वार!
एक भेंट के दौरान श्री कृष्ण हरि धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत श्री प्रेमानंद शास्त्री जी ने कहा कि तुष्टी करण की राजनीति के चलते वर्यमान सरकार संतो की सुरक्षा के प्रति उदासीन नजर आ रही है,, श्री शास्त्री जी ने कहा कि उत्तर काशी में संत शंकरानन्द सरस्वती जी को एक होमगार्ड के साथ तीन लोगो द्वारा जान लेवा हमला किया गया था,, स्वामी दामोदरा चार्य द्वारा किए गए अकथ प्रयासों से मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन अभी तक केवल एक आरोपी को ग्रिफ्तार किया गया होमगार्ड की पक्षधर बनी पुलिस धाराएं कम करने का कुचक्र रच रही है जो कि बेहद दुखद बात है,, इस बात से जाहिर होता है कि कथनी और करनी दोनो में अंतर है,, श्री शास्त्री जी ने कहा कि यदि संत के हमलावरों को शीघ्र ही गिरफ्तार नहीं किया गया तो समस्त संत अपनी अध्यात्म शक्ती द्वारा विरोध प्रदर्शन करने हेतु विवश होंगे! साथ ही ऋषिकेश के महान तपस्वी स्वामी प्रकाशनंद जी ने कहा कि वर्तमान में कथनी और करनी में अंतर है धर्म की रक्षा करने वाले संत ही सुरक्षित नहीं है ,, जबकि सरकार यह भूल गई है कि भारत देश सनातन हिन्दू धर्म का संस्थापक देश है,, सारा विष्व मानता है,,जो प्राचीन काल से ऋषि मुनियों की तपो भूमि के नाम से जाना जाता है,, जब भी एक जुट होकर भारत के संत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहेंगे,, उसी क्षण संतो का स्वामित्व जो सदा से रहा है और फिर स्थापित हो जायेगा इस बात पर स्वामी शुकदेवानन्द योगी,, परमेश्वर दास ,,कीर्त दास महराज ,, हरी मोहनदास जी ने स्वामी प्रकाशानंद जी ऋषिकेश ने समर्थन किया ,, और कहा कि संतो पर हमला करने वाले लोग यदि शीघ्र ही गिरफ्तार नहीं हुए तो भविष्य स्वयं प्रमाण प्रस्तुत करेगा,
आपको बताते चलें कि तीन महीने पूर्व हुई इस हृदय विदारक घटना पर शासन,प्रशासन, और सरकार द्वारा कोइ भी सटीक कार्यवाही नही की गई,, उत्तरकाशी में बच्चो को वेद पाठन कराने वाले संत पर जानलेवा हमला भारतीय संस्कृति पर कुठारा घात साबित हो रहा है,, संतो ने कहा है कि यदि शीघ्र आरोपी नहीं पकड़े गए तो सभी संत आंदोलन की नीति अख्तियार करने के लिए मजबूर हो जाएंगे,,,



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