धार्मिक आस्था और भगदड़ में होने वाली मौते एक बड़ा सवाल, सिस्टम के लिये सोचनीय,,!
स संपादक शिवाकांत पाठक,,
मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ना यानी लोगों की भीड़ जुटना आम बात है, लेकिन जरा-सी लापरवाही, कोई अफवाह या हड़बड़ी के चलते भगदड़ जैसी दुर्घटना होने की आशंका रहती है और ऐसी भगदड़ में लोगों की जानें भी चली जाती हैं. ऐसी ही भगदड़ मचने और मौत होने की खबर हरिद्वार से आई है, जहां मनसा मंदिर में भगदड़ मचने से पहले 6 फिर 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं.
मंदिर में भगदड़ मचने और मौत होने की ये कोई पहली घटना नहीं है. जम्मू में वैष्णो देवी मंदिर से लेकर प्रयागराज के महाकुंभ मेले तक, पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं.लेकिन क्यों,, क्या इस तरह की घटनाये बार बार होने के वावजूद सरकार गंभीर नहीं है,,?
या फिर जिम्मेदार अधिकारी इन बेगुनाह मौतो को लेकर घटनाओ की खास वज़ह से अंजान रहें,,!लेकिन क्यों,,?
और यदि ऐसा नहीं है तो फिर घटनाओ की पुनरावृति क्यों,,? भगदड़ की इन घटनाओ का बार बार घटित होना जिम्मेदारी पर प्रश्न चिन्ह तो हैँ ही,, इसके लिये हमारे देश के सिस्टम को यह जानना जरूरी है की चूक कहाँ पर हुईं है, और उसका स्थाई समाधान भी गंभीरता पूर्वक निकलना होगा,, वरना ये भगदड़ की घटनाएं आने वाले समय में करोड़ों धर्म अनुयायियों की श्रद्धा पर प्रश्न चिन्ह साबित होंगी,, इसलिए शासन, प्रशासन को इस गंभीर समस्या का स्थाई समाधान खोजना अनिवार्य है,, यही राष्ट्र और समाज के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम होगा,,
हाथरस सत्संग: सबसे बड़ा हादसा,,, 👇
साल भर पहले हाथरस में स्वयंभू बाबा भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई थी. नारायण साकार विश्व हरि उर्फ सूरजपाल के सत्संग में आस्था के सैलाब से मौत का ऐसा बबंडर उठा कि पूरा देश हिल गया था. 2 जुलाई, 2024 को हुई इस दुर्घटना में महिलाओं और बच्चों सहित 121 से ज्यादा लोग मरे. यह देश की सबसे बड़ी हालिया ट्रैजेडी में से एक है.
श्रीगुंडिचा मंदिर, पुरी,, 👇
ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा के दौरान भगदड़ में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए. 29 जून को रथ, जगन्नाथ मंदिर से करीब तीन किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर के पास थे, जहां दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटी थी. भीड़ बढ़ने पर कुछ लोग गिर गए, जिससे भगदड़ हो गई और तीन लोगों की मौत हो गई.
तिरुपति मंदिर, आंध्र प्रदेश,, 👇
तिरुमला के श्रीवेंकटेश्वर मंदिर में वैकुण्ठ एकादशी के टोकन वितरण के दौरान भक्तों की भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई. गेट अचानक खोल दिए गए, जिससे श्रद्धालु एक-दूसरे पर टकराने लगे. भगदड़ के कारण 6 लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हुए. बाद में न्यायिक आयोग ने घटना की जांच की. राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की.
नैना देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश,, 👇
हिमाचल प्रदेश में नैना देवी मंदिर में 31 मार्च, 2023 को रामनवमी से जुड़े एक धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ मचने से कई लोगों की मौत हो गइ थी. एक प्राचीन कुएं के ऊपर की एक पटिया ढह गई थी, जिसके बाद भगदड़ मच गई. इस दुर्घटना में कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई.
श्री लैराई देवी मंदिर, गोवा
गोवा के शिरगाव में 3 मई, 2025 की सुबह श्री लैराई देवी मंदिर में वार्षिक जत्रा के दौरान भगदड़ मची. संकीर्ण रास्ते पर बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा थे. अचानक लोग ढलान से फिसलने लगे, जिससे टकराव हुआ और इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए.
बालेश्वर महादेव मंदिर, इंदौर,, 👇
इंदौर के बालेश्वर महादेव मंदिर में 31 मार्च 2023 को राम नवमी के दौरान हवन कार्यक्रम में भीड़ से ओवरलोड स्लैब ढह गया. चबूतरे के नीचे आकर कम से कम 36 लोग मर गए और 16 घायल हो गए. राहत और बचाव कार्य में 140 जवानों की मदद ली गई और पानी निकालकर शव निकाले गए. स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट पर निर्माण में दोष के आरोप लगाए गए थे.




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