कोरोना चालीसा सभी के लिए
गुरु चरणों में नमन है वंदन सौ सौ बार! कोरोना का विमल यश कहता बारम्बार !!
जय जय कोरोना महराजा !
तीन लोक मैं डंका बाजा!!
तुमको है मनमानी करना!
जन भक्षक काहू को डर ना!!
तेरी लीला तू ही जानै!
तू सब भला बुरा पहिचानै!!
कौन अमीर गरीब बिचारे!
जन्म कुंडली पास तुम्हारे!!
हर गरीब पर करते दाया!
बड़ों बड़ों का करो सफाया!!
परम पिता के दूत तुम्हीं हो!
झूठों के यमदूत तुम्हीं हो!!
चीन बहुत था अत्याचारी!
पशु पक्षी का सदा अहारी!!
तुमने क्रोध वहां बरसाया!
सबसे पहले मात वो खाया!!
कदम दूसरा महा भयंकर!
धनवानों संग आए घर घर!!
पासपोर्ट और वीजा वाले!
अस्पताल के किए हवाले!!
हरदम जो ए सी में रहते!
गर्मी का दुख कभी ना सहते !!
उनपर मार तुम्हारी ज्यादा!
मान गए तुम ही हो दादा!!
अपनी शक्ति सभी हैं भूले!
बस घमंड में फिरते फूले!!
तुमने कैसा सबक सिखाया!
छोड़ गए सब झूठी माया!!
दूर हुए अपने अपनों से!
छूने के झूठे सपनों से !!
तुमको क्या मैं भेंट चढ़ाऊ!
ठंडा पानी तुम्हे पिलाऊं!!
लाज हमारी रखना हरदम!
पत्रकार हैं अवैतनिक हम!!
तुम तो हो प्रभु अन्तर्यामी!
पकड़ो बड़े बड़े आसामी!!
हांथ सदा धोए जो भी नर!
कभी ना जाना तुम उनके घर!!
जो सर्दी गर्मी ना जाने!
उनको तो खुद आप ही जाने!!
महिमा अपरम्पार तुम्हारी!
सुन ली जय प्रभु विनय हमारी!!
जो नर तुम्हरो ध्यान लगावें !
उनके सारे कष्ट नसावें!!
कोरोना संकट हरो तुम हो बुद्धि निधान!
तुमसे क्या बतलाए प्रभु तुम सर्वज्ञ निधान!! रचना = स. संपादक शिवाकांत पाठक वी एस इन्डिया न्यूज चैनल दैनिक साप्ताहिक विचार सूचक समाचार पत्र सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उत्तराखंड सरकार से विज्ञापन हेतु अधिकृत 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏


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