सुरक्षा की दृष्टिकोण से हर पहलू पर नजर रखते हैं एस एस पी हरिद्वार !
संपादक शिवाकांत पाठक!
एस एस पी अजय सिंह द्वारा हरीद्वार जनपद की बागडोर संभालते ही पुलिस की कार्य प्रणाली में आया बदलाव अपराधियों के लिए भयानक काल साबित हो रहा है जानते हैं क्यों ?
( खंजर वही है तलवार भी वही है केवल चलाने का तरीका बदला है सही निर्देशन का कमाल )
जिम्मेदार पुलिस अधिकारी वही हैं पुलिस वही है फिर अचानक कार्य शैली में बदलाव क्यों ? क्योंकि ईश्वर इस श्रष्टि की रचना, पालन,एवम् संघार कर्ता है, उसे प्रकृति की हर व्यवस्था एवम् संतुलन का ज्ञान हैं समय समय पर पापियों के विनाश के लिए ईश्वर ने ही तमाम शक्ति शाली महान व्यक्तियों को भेजा है ,, यहां मैं किसी विरोधी या पक्ष धर ना होकर वह सच लिख रहा हूं जो नकारने पर भी विश्वसनीय है , क्यों कि आंतरिक सुरक्षा का भार पुलिस विभाग पर निर्भर है और यदि हम अंदर से टूट जाएं तो फिर हम पर बाहरी शक्तियों का वर्चस्व स्थापित हो सकता है यह एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है,,,
एस एस पी हरीद्वार अजय सिंह ने पुलिस के उन जिम्मेदारों को जिन्होंने गुमशुदी की घटना को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया और गुमशुदा की मौत हो गई ऐसी परिस्थिति में तुरंत निर्णय लेते हुए उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों को जो सजा दी वह ऐतिहासिक सजा मानी जाएगी क्यों कि ऐसी सजा पहली बार सुनने को मिली है ,, साथ ही सिडकुल थाने की महिला पुलिस कर्मी को निलंबित करने का निर्णय भी एस एस पी अजय सिंह की दूर गामी सोच का उदाहरण है ,, आपको बता दें कि आलोचना एवम् प्रशंसा का सीधा संबंध हमारे सोचने के दृष्टि कोण पर आधारित होता है जब हम किसी की कमियां देखते हैं तो हमारा ध्यान उसकी अच्छाइयों पर नहीं जा पाता है और बुद्धिमान व्यक्ति दोनों बातों पर विचार करता है ,, निंदक तो प्राचीन काल से समाज में रहते आए हैं , प्रभु राम पर भी आरोप लगाने में लोग पीछे नहीं रहे लेकिन यह बात ध्रू सत्य है कि एस एस पी अजय सिंह के आते ही अपराधी वर्ग में जो हलचल देखने को मिली है वह पहले कभी देखी नहीं गई ,,क्यों कि जिला, मंडल, प्रदेश , एवम् देश का नेतृत्व करने की क्षमता रखने वालों को ही ईश्वर उन्हें मौका देता है बाकी दुनियां तो एक रंगमंच है जिसे जो कार्य ईश्वर ने सौंपा है वह अपने किरदार को कितना निभाता है इसका निर्णय समाज नहीं ईश्वर करता है !
शक्ति वाहिनी प्रथम एवम् द्वितीय को एसएसपी अजय सिंह ने दिलाया भरोसा और कहा कि आप सभी खुद को कभी भी कमजोर मत समझना ,,,
महिला पुलिस कर्मियों पर भी प्रथम बार किसी एस एस पी का यदि ध्यान आकृष्ट हुआ है तो वे अजय सिंह ही हैं उन्हें हर पहलू पर विचार करने का अनुभव है क्यों कि हमारी प्राचीन ग्रंथो में भी लिखा है कि यश्य यष्य नरिष्य पूज्यंते रमंते तत्र देवता,, अर्थात जहां जहां नारी की पूजा, आदर सम्मान होता है वहां देवता निवास करते हैं क्यों कि जिस वृक्ष की जड़े सूख जाए वह वृक्ष सूख जाता है और नारी ही पुरुष की मूल है जन्म दाता है , यमराज (स्वयं काल ) के हाथों से अपने पति के प्राणों को वापस लाने वाली शक्ति का नाम सिर्फ नारी है इसलिए उनकी आवश्यकता , समस्याएं आदि पर एस एस पी अजय सिंह का ध्यानाकर्षण होना स्वाभाविक है,
आज दिनांक 21 नवंबर को एसएसपी हरिद्वार श्री अजय द्वारा विभाग में अपनी सेवा दे रही नारी शक्ति की समस्याओं को दूर करने के लिए गठित शक्ति वाहिनी प्रथम नगर क्षेत्र एवं शक्ति वाहिनी द्वितीय की बैठक में प्रतिभाग करते हुए कहा कि समस्त महिलाएं स्वयं को किसी से कम न समझें। बल्कि बिना किसी दबाव के खुशी-खुशी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन करें। विभाग में बहुत सारी चुनौतियां आती है इसमें हमें अपना संयम नहीं खोना है
पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित बैठक में उपस्थित जनपद की सभी महिला पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए श्री अजय सिंह द्वारा थाने में आने वाली महिला पीड़ित के सौम्य व्यवहार करते हुए उनकी मदद करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया गया। साथ ही बैठक में सभी महिला उपनिरीक्षकों को महिला संबंधी प्रकरणों में ठोस एवं परिपक्व दृष्टि से घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पीड़िता की बातों को बाकायदे गौर से सुनने के निर्देश दिए ताकी स्पष्ट पता चल सके कि "कौन सही है और कौन गलत।"
नोडल अधिकारी महिला हेल्पलाइन एवं दोनों हेल्पलाइन प्रभारियों को हेल्पलाइन में आने वाले प्रकरणों को भली-भांति सुनने और समझने के बाद ही कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए क्योंकि पुलिस की प्राथमिकता पहले परिवार जोड़ने की होनी चाहिए ऐसी कार्रवाई नहीं की परिवार जुड़ने के बाजार टूटने शुरू हो जाए।
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