*नव वर्ष 2021की हार्दिक शुभकामनाएं,पुराना छोड़ नए को अपनाए*


  मनोज श्रीवास्तव सहायक सूचना निदेशक देहरादून!

स. संपादक शिवाकांत पाठक

नव अर्थात सभी के मन में सदा आशा का ज्योतिर्मय सूर्य चमकता रहे । इसके लिये जरूरी है कि जीवन के उत्कर्ष के लिए अपने उद्देश्य का निर्धारण अवश्य कर ले।


प्रभावशाली और सफल जीवन के लिए सर्वप्रथम यह आवश्यक है कि हमारा उद्देश्य महान हो जितना अपने सामने ऊंचा उद्देश्य रखते हैं ,उसके अनुरूप वह अवश्य ही एक दिन पूर्ण  और सफल होता है । क्योकि जैसा लक्ष्य रखा जाता है वैसा ही लक्षण भी मिलने लगता है। 



किसी भी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उस कार्य का प्रशिक्षण और उस कार्य में प्रवीणता हासिल करना अत्यंत आवश्यक है । क्योकि जब तक मानसिक रूप से हम उस कार्य में कुशल नहीं हो जाते हैं तब तक उस विषय या उस कार्य में सफलता हासिल नहीं हो सकती है ।


हमारा उद्देश्य वह नक्शा है और दिशा सूचक यंत्र है, जो हमको जीवन के विशाल सागर में गंतव्य अर्थात् लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करता है ।


इसलिये हम जो भी लक्ष्य बनाते हैं और उसे पाने की प्रबल आकांक्षा करते हैं, उसी अनुसार उसी पल हमारा अवचेतन मन प्रयत्न, आशा, उमंग-उत्साह, हिम्मत, आत्मविश्वास इत्यादि अनेक सुषुप्त आंतरिक शक्तियों का ध्रुवीकरण प्रारंभ कर देता है । 


इसका सकारात्मक परिणाम यह होता है कि सफलता चुंबक की तरह हमारे पास खिंची चली आती है ।


कहावत है जैसा चित्र होगा वैसा चरित्र भी होगा । श्रेठ चित्र द्वारा हम असंभव कार्य समझे जाने वाले कार्यों को संभव कर देते है। 


यह सभी कल्पना शक्ति द्वारा ही हो सकता है । आत्मविश्वास यदि उस कल्पनाशक्ति से जुड़ जाता है तो निश्चिय ही एक चुंबकीय केंद्र का निर्माण हमारे अंदर अपने आप हो जाता है । 


इसके बाद वह स्वाभाविक रूप से सभी अनुकूल परिस्थितियां परिवेश को चुंबक की तरह हमारे चारों ओर आकर्षित कर एकत्रित कर देता है और हमारी क्रिया शक्ति उसे पूरा करने में धीरे-धीरे अपने आप क्रियाशील होने लगती है ।


इसलिये नव वर्ष 2021 में हम अभी उठ जाए,क्योकि हम हारने के लिए नहीं अपितु जीतने के लिए इस वसुंधरा पर आए हैं । सफलता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है । 


अपने अंतर्मन में अपने अंदर उमंग-उत्साह के नूतन प्राण भाई को संचालित होने दें  और अपनी अनंत शक्तियों का स्मरण करें । इस संसार में ऐसा कुछ भी नहीं है जो हमको प्राप्त न हो सके । 


जरूरत है - अपनी उन विलक्षण शक्तियों को कार्य में लगाने की । अपनी समस्त क्षमता को समा कर कार्य सिद्धि में लगाने की ।


 ऐसा करने पर सफलता की विजय मुस्कान की चमक आपके मुख पर अवश्य ही फैलेगी । 


हमारे तरकस में ऐसे-ऐसे अमुक बाण हैं ऐसी-ऐसी अपूर्व शक्तियां हैं जिसका कोई जवाब नहीं है जो अपना लक्ष्य भेदन अवश्य ही करेंगी । आपके मन के तरकस में तीन ऐसे ब्रह्मास्त्र हैं, जो अमोघ हैं और वे हैं - हमारी कल्पनाशक्ति, विचारशक्ति और इच्छाशक्ति । इन्हीं शक्तियों के बल से और भी अन्य शक्तियों का प्रादुर्भाव होता रहता है ।


अपने मन से उन सभी शत्रु विचारों को बड़ी निर्ममता से निकाल बाहर करें । सदा पूर्ण विश्वास से अपने मन में मित्र भावों का विकास करें । सफलता अवश्य आपके कदमों में होगी ।


आज हर्षोल्लास का दिन है । धूमधाम से आप नववर्ष को मना रहे होंगे । ईश्वर की भी खुशियों की बरसात आप पर हमेशा होती रहे यही हमारी आप सभी को नव वर्ष 2021 शुभकामनाएं

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