नवोदय नगर वार्ड नंबर 13 में मे बहनों ने भाइयों की कलाई में बंधा रक्षा सूत्र ! नवोदय नगर हरिद्वार!
संपादक शिवाकांत पाठक !
रिपोर्ट मुकेश राणा,, नवोदय नगर वार्ड नंबर तेरह में बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध कर उनके मस्तक पर मंगल तिलक लगाते हुए उनकी दीर्घायु की कामना की भाइयों ने उन्हें रक्षा का वचन दिया भाई बहिन के पवित्र प्रेम का प्रतीक यह त्योहार सम्पूर्ण भारत में ही नहीं बल्कि दुनियां में प्रेम का प्रतीक है!
बहनों ने नन्हे हांथो से भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा तो वह अलौकिक प्रेम स्नेह की झलक भुलाई नहीं जा सकती !
महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी से जुड़ी एक कथा प्रचलित है. बात उस समय कि है जब इंद्रप्रस्थ में शिशुपाल का वध करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र चलाया था!
उसी दौरान श्रीकृष्ण की उंगली कट गई और काफी खून बहने लगा. उस समय द्रोपदी ने अपने साड़ी का पल्लू फाड़ के भगवान के उंगली पर बांध दिया!
संयोग से उस दिन श्रावण मास का पूर्णिमा थी. इस बात से भगवान इतने खुश हुए कि उन्होंने द्रौपदी को वचन दिया के एक दिन जरूर वे साड़ीं के एक धागे का मोल जरूर चुकाएंगे.
भगवान ने चीर हरण के वक्त द्रौपदी को दिया वचन निभाया और उनकी लाज बचाई.
( दूसरी कहानी )👇
रक्षाबंधन को लेकर दूसरी कहानी भी काफी प्रचलित है. बात उस समय की है जब महाभारत का युद्ध चल रहा था. युधिष्ठिर कौरवों से युद्ध के लिए जा रहे थे!
उनको सिर्फ एक बात की चिंता थी कि युद्ध कैसे जीते. इसका निवारण भगवान से पूछा तो श्रीकृष्ण ने कहा कि सभी सैनिकों के हाथ पर रक्षा सूत्र बांध दिया जाए.
उनके कहे अनुसार सारे सैनिकों के हाथों पर रक्षा सूत्र बांधा गया और उन्हें सफलता मिली!
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