मातृ देवो भव,,पूज्य माता श्री की बरसी संपन्न ! नवोदय नगर हरीद्वार !
संपादक शिवाकांत पाठक!
परिवर्तन संसार का नियम है लेकिन संस्कारों का नहीं संस्कार माता पिता से प्राप्त होते हैं माता के ऋण को आज तक कोई भी चुका नहीं सका लेकिन जो माता या पिता के ना होने पर पर भी अपने फर्ज को ध्यान में रखते हुए उन्हें याद करते हैं वास्तव में वे संस्कारी कहलाने के हकदार है यही हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति का मानना है वरिष्ठ समाज सेवी श्री अवनीश मिश्रा एवम् उनके भ्राता श्री डॉ आशीष मिश्रा जी द्वारा अपनी माता श्री की बरसी पर गली नंबर 5 में हवन पूजन एवम् भोजन प्रसाद का कार्यक्रम संपन्न किया गया यह कार्य सभी लोगो के लिए एक प्रेरणा श्रोत साबित हुआ क्यों कि जिसने हमको जीवन दिया उसकी याद में एक बेटे का फर्ज जो भी बनता है वह करना हमारी संस्कृति में शामिल है
नवोदय नगर के गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर पूज्य माता जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की व हवन पूजन वेद मंत्रो द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की गई सभी लोगो ने भोजन प्रसाद रूप में ग्रहण किया दीपक नौटियाल समाज सेवी, महावीर गुसाईं अध्यक्ष पर्वतीय बंधु समाज ,,कौशिक जी, अंसुल शर्मा, अनिल मिश्रा आदी लोग उपस्थित रहे असहाय विकलांग सेवा ट्रस्ट के सचिव शिवाकांत पाठक ने कहा कि इस तरह आयोजन हमको धार्मिकता से जोड़ते हैं साथ ही आने वाली पीढ़ी के लिए भी मार्गदर्शन का काम करते हैं !अंत में समाज सेवी अवनीश मिश्रा एवम् आशीष मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया !
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