मातृ देवो भव,,पूज्य माता श्री की बरसी ! नवोदय नगर हरीद्वार !
संपादक शिवाकांत पाठक!
परिवर्तन संसार का नियम है लेकिन संस्कारों का नहीं संस्कार माता पिता से प्राप्त होते हैं माता के ऋण को आज तक कोई भी चुका नहीं सका लेकिन जो माता या पिता के ना होने पर पर भी अपने फर्ज को ध्यान में रखते हुए उन्हें याद करते हैं वास्तव में वे संस्कारी कहलाने के हकदार है यही हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति का मानना है वरिष्ठ समाज सेवी श्री अवनीश मिश्रा एवम् उनके भ्राता श्री डॉ आशीष मिश्रा जी द्वारा अपनी माता श्री की बरसी पर गली नंबर 5 में हवन पूजन एवम् भोजन प्रसाद का कार्यक्रम कल संपन्न किया जाएगा यह कार्य सभी लोगो के लिए एक प्रेरणा श्रोत साबित होगा क्यों कि जिसने हमको जीवन दिया उसकी याद में एक बेटे का फर्ज जो भी बनता है वह करना हमारी संस्कृति में शामिल है ! वी एस इन्डिया न्यूज चैनल दैनिक साप्ताहिक विचार सूचक समाचार पत्र परिवार की ओर से
माता श्री की आत्मा को सच्ची श्रद्धांजली


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