सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को ताक में रखकर संचालित है सरकारी ठेका !
यहां गौर करने वाली बात यह है कि अंग्रेजी शराब ठेके के इंचार्ज यानी मैनेज करने वाले कहते हैं कि यह रानीपुर झाल का अंग्रेजी शराब ठेका सरकारी है ,,, पत्रकार संविधान का चौथा स्तंभ है सरकार और जनता के बीच सेतु का निर्माण लेखनी द्वारा सुनिश्चित करने वाला पत्रकार उस व्यक्ति की धमकी से परेशान है जो सुबह से शाम तक केवल शराब ठेके से शराब की बोतलें उठा कर ग्रामीण क्षेत्रों में भेजता है यह उसका रोजगार है और व ठेके के इंचार्ज की शय या इशारे पर चिंटू ने पत्रकार को ही धमकी दे डाली जिसका आडियो वायरल हुआ यहां दूसरी ओर शराब ठेकों की देख रेख व संचालन करने वाले साहब शर्मा जी का कहना है कि तमाम पत्रकार बोतल ले जाते हैं किससे कहा कब कहा यह इतना महत्त्व पूर्ण नहीं है लेकिन इस तरह के शब्द पत्रकारों के लिए उपयोग करना भारतीय संविधान के चौथे स्तंभ की गरिमा पर सवाल खड़े करते हैं वैसे जो भी हो सत्य कभी भी पराजित नहीं होता असत्य की कभी जीत नहीं होती यहां पर सरकारी ठेका व माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की बात है बात कहां तक सही है यह कहा नहीं जा सकता जिम्मेदार अधिकारियों की मौन साधना का कारण भी स्पष्ट नहीं किया जा सकता लेकिन याह भी सच है कि जिले के आलाधिकारी वास्तव में हर पल हर एक समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहते हैं !
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